Tuesday, Dec 07, 2021
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राहुल गांधी का दावा, देश की आर्थिक हालत 1991 से भी बदतर

  • Updated on 9/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर 1991 से भी बदतर हालात होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह साइक्लिक नहीं, स्ट्रक्चरल समस्या है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री डर गए हैं। उन्हें देख कर चीन अपनी प्लानिंग कर रहा है कि हम जो निकाल सकते हैं, निकाल लें। 

रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ मोदी सरकार से नाराज नीतीश की पार्टी जदयू

गैस, डीजल, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर बुधवार को यहां एक प्रेस कान्फ्रेंस में राहुल ने कहा कि जिस इकोनॉमिक स्ट्रैटेजी को हमने 1991 से 2012 तक चलाया, वह अब नहीं चल रही है। मोदी सरकार की मेक इन इंडिया, डिमोनेटाइजेशन और मोनेटाइजेशन नीति की आलोचना करते हुए कहा कि इस सरकार को समझ ही नहीं आ रहा है कि करना क्या है। उन्होंने कहा कि इस सरकार के लिए जीडीपी बढऩे का मतलब गैस, डीजल, पेट्रोल है जिसकी कीमतें लगातार बढ़ाती जा रही है। यूपीए सरकार के वक्त की कीमतों से तुलना करते हुए राहुल ने कहा कि 2014 में एलपीजी की कीमत 410 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो अब 885 रुपये है। पेट्रोल 71.5 रुपये प्रति लीटर था, जो अब 101 रुपये प्रति लीटर है और डीजल 57 रुपये प्रति लीटर था, जो अब बढक़र 88 रुपये प्रति लीटर हो गया है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के वक्त कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल थी, जब आज 71 डॉतर प्रति बैरल है। राहुल ने दावा किया कि जिस दिन कच्चे तेल की कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ कर 80, 90 या 100 से ऊपर चली गई तो हालात इनके नियंत्रण से बाहर चला जाएगा।

कांग्रेस का दावा, गैस, डीजल, पेट्रोल से मोदी सरकार ने जुटाए 23 लाख करोड़ 

एक सवाल पर राहुल ने कहा कि गैस, डीजल, पेट्रोल की कीमतें बढ़ा कर 23 लाख करोड़ रुपये सरकार ने पिछले सात सालों में जमा किए। इसके अलावा जीएसटी की वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों से यह धन लिया जा रहा है, उनमें किसान, श्रमिक, छोटे कारोबारी एवं अनौपचारिक वर्ग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, संविदा कर्मी, वेतनभोगी वर्ग और ईमानदार उद्योगपति शामिल हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गरीब और कमजोर वर्ग का धन प्रधानमंत्री के मित्रों को हस्तांतरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1990 में कैटास्ट्रॉफिक फेल्योर हुआ था और आज हालात उससे भी बदतर होते दिख रहे हैं। राहुल ने कहा कि स्टॉक मार्केट का ही तमाशा देखिए, 50 कंपनियां ही ग्रो कर रही हैं। बाकी 300, 400, 500 कंपनियां खत्म हो रही हैं। जबकि यही सब सेंकड, थर्ड, फोर्थ लाइन की कंपनियां ही हिंदुस्तान का भविष्य हैं। यही रोजगार और व्यवसाय देती हैं। लेकिन मोदी जी के दिल-दिमाग में इन कंपनियों के लिए कोई जगह नहीं है। 

एलपीजी कीमत बढ़ने के खिलाफ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर छेड़ा अभियान

इसके पहले राहुल गांधी ने हैशटैग इंडिया अगेंस्ट बीजेपी लूट का उपयोग करते हुए ट्विट किया-जनता को भूखे पेट सोने पर मजबूर करने वाला खुद मित्रों की छाया में सो रहा है...लेकिन अन्याय के खिलाफ देश एकजुट हो रहा है। कांग्रेस ने इसी हैशटैग से सोशल मीडिया पर एक अभियान छेड़ा है, जिसमें महंगाई के संबंध में अपनी व्यथा बताते हुए आम लोगों के वीडियो साझा किए हैं।
 

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