Wednesday, Jun 16, 2021
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कांग्रेस के G-23 समूह की आज जम्मू में होगी बैठक, हाईकमान को देंगे संदेश

  • Updated on 2/27/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की उत्तर-दक्षिण वाली टिप्पणी के बाद आज जम्मू में जी-23 नेताओं की बैठक होने वाली है। इस बैठक का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद कर सकते हैं। इस बैठक में माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान तक यह लोग कड़ा संदेश देने इस बैठक को कर रहे हैं। बता दें इस बैठक के लिए कपिल सिब्बल से लेकर आनंद शर्मा, भूपिंदर सिंह हुड्डा और मनीष तिवारी सरीखे नेता यहां पहुंच चुके हैं। सूत्रों से खबर मिली है कि पार्टी हाईकमान को भी इस बैठक के बारे में पूरी जानकारी है। वह इस पर निगाहे जमाकर बैठा है।   

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गुलाम नबी आजाद को दोबारा मौका मिलना चाहिए
बता दें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के साथ पिछले साल कांग्रेस हाईकमान ने जैसा बर्ताव किया था। उससे कांग्रेस के अन्य नेता नाराज है। नाराज होने वाले नेताओं में वह सभी नेता शामिल हैं। जिन्होंने पिछले साल पार्टी हाईकमान को एक पत्र लिखकर पार्टी की रणनीतियों में बदलाव करने की बात कही थी। इन नेताओं का मानना था कि गुलाम नबी आजाद को पार्टी में दोबारा मौका मिलना चाहिए था मगर हाईकमान ने उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया। जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक ने गुलाम नबी आजाद की जमकर तारीफ की थी।  

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दक्षिण-उत्तर को लेकर दिया बयान 
बता दें इस मामले ने तूल उस समय पकड़ लिया जब पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने केरल में कहा था कि वह 15 साल से सांसद है मगर वहां उनका इस्तेमाल दूसरे तरह की राजनीति के लिए किया गया। वह कहते हैं कि केरल में आने के बाद उन्हें पता चला है कि यहां लोग मु्द्दों के प्रति रुचि रखते हैं। और इसकी तह तक जाते हैं। बता दें राहुल के इस बयान का बीजेपी के साथ उनकी अपनी पार्टी के कई नेता तक ने विरोध किया था।  

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पार्टी में लोकतंत्र को कैसे बचाया जा सके
बता दें आज यह लोग बैठक में इस बात पर चर्चा करेंगे कि पार्टी में कैसे लोकतंत्र को लाया जा सके। इस बैठक में शामिल होने के दिल्ली और हरियाणा से बड़े-बड़े नेता गए हैं। यह सभी वहीं लोग है जिनकी पार्टी अनदेखी कर रही थी। पार्टी के इन लोगों की नाराजगी इस बात पर भी है कि रॉबर्ट वाड्रा का केस लड़ने वाले वकील को राज्यसभा का सदस्य बनाया गया है। जबकि पार्टी ने वरिष्ठ 23 नेताओं को इग्नोर कर दिया है। मल्लिकार्जुन खड़गे को भी राज्यसभा में विपक्ष का नेता जी-23 नेताओं की अनदेखी करके बनाया गया है।  

 

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