Sunday, Oct 17, 2021
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Rail operators showed red flag to the government

रेल चलाने वालों ने दिखा दी सरकार को लाल झंडी

  • Updated on 9/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। रेलवे में निजीकरण, मुद्रीकरण के खिलाफ रेलकर्मियों ने आज देश भर में प्रचंड चेतावनी दिवस का आयोजन किया। ऑल इडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के आह्वान पर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी यह चेतावनी दिवस मनाया गया। एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि आज सभी यूनियनों ने शाखा स्तर से लेकर कारखाना, डिपो सभी जगह केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। 
    उन्होने कहा कि भारत सरकार द्वारा मुद्रीकरण अभियान के तहत रेलवे के 1.52 लाख करोड़ रूपए की मूल्यवान परिसम्पत्तियों को बेचने की नीति के खिलाफ  सरकार को चेताने के लिए यह प्रचंड चेतावनी दिवस मनाया गया है। 
      शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि रेलवे के हर जोन, डिवीजन में रैलियों, प्रर्दशनों एवं विरोध सभाओं में भारी संख्या में रेलकर्मियों ने हिस्सा लेकर यह साफ कर दिया है कि रेल बचाओ, देश बचाओ। आज नई दिल्ली के अलावा नार्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन ने पुरानी दिल्ली, आनन्द विहार, सराय रोहिल्ला, तुगलकाबाद सहित कई अन्य स्थानों पर भी प्रदर्शन व सभा का आयोजन किया। 
      उत्तर रेलवे महाप्रबंधक मुख्यालय में भोजनावकाश में आयोजित एक प्रचंड विरोध सभा को संबोधित करते हुए शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि निजीकरण, निगमीकरण की नीति पर हमने जब दबाव बनाया तो सरकार ने अपनी नीति बदलकर रेलवे को मुद्रीकरण के सहारे बेचने का दूसरा तरीका निकाल लिया जिसे रेलकर्मी बर्दाश्त नही करेंगे। सरकार रेलवे स्टेडियम्स तक बेच रही है क्योकि सरकार को उन खिलाडिय़ों की भी परवाह नहीं है जो ओलंपिक में मेडल जीतकर दुनिया में देश का झंडा ऊंचा फहरा रहे हैं। उन्होने दो टूक कहा कि हम किसी भी कीमत पर रेलवे की परिसम्पत्तियों को बिकने नही देंगे। 
 

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