Thursday, Apr 02, 2020
rain and hail make heavy loss of crop and fields

बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान, खेतों में हरियाली की जगह बिछे ओले

  • Updated on 3/14/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। देर रात से शुरु होने के बाद लगातार जारी बारिश (rain) और भयंकर ओलावृष्टि (hail) ने खेतों में जमकर तबाही मचाई है। गेहूं और सरसों के किसान शिकायत कर रहे हैं कि सिर्फ 15-20 दिनों में फसल कटने वाली थी मगर अब तो खेत से एक भी दाना घर में आने की उम्मीद नहीं है।

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नींबू के आकार के ओलों ने चौपट कर दी गेहूं और सरसों की खड़ी फसल
हरियाणा के किसान मार्च की शुरुआत से ही रुक-रुक कर बरसते बादलों से तबाह होते जा रहे हैं। पहले चार तारीख फिर छह मार्च और अब शुक्रवार की रात को बारिश और ओलावृष्टि ने फसल को बुरी तरह तबाह करके रख दिया है। बारिश और ओलावृष्टि से भिवानी, रोहतक, सिरसा, महेंद्रगढ़ और हांसी में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट करके किसानों का दर्द साझा किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जिन किसानों के अपनी फसलों का बीमा कराया था उनके नुकसान की भरपाई बीमा कंपनियां करेंगी और जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया था हरियाणा सरकार उनका नुकसान झेलेगी।

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फसल कटनी शुरु होने वाली थी, अब तो शायद ही एक भी दाना घर पहुंचे
उत्तर प्रदेश में भी देर रात से जारी बारिश और भारी ओलावृष्टि ने तबाही मचानी शुरु कर दी। बेमौसमी बारिश ने खड़ी फसलों का काफी नुकसान किया है। गौरतलब है कि ज्यादातर इलाकों में सरसों होली के बाद (10-12 मार्च) और गेहूं की कटाई 25 मार्च से शुरु हो जाती है। मगर इतने बड़े ओले और बारिश से सरसों की फलियां फट गई हैं तो गेहूं की फसल पूरी तरह गिर गई है।

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हवाओं और ओले से पहुंचा गेहूं की फसल को नुकसान
गेहूं शोध संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. बीएस त्यागी के मुताबिक रबी के इस मौसम में गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी। मगर बारिश के अलावा तेज हवाओं से भी फसल गिर गई थी। दूसरी बारिश ने गेहूं के दानों को नुकसान पहुंचा है। किसान दोटूक कहते हैं कि ये नुकसान उनके लिए बिल्कुल वैसा है कि महीने के आखिर में सैलरी आने वाली हो और कंपनी भाग जाए। किसान की फसल 10-15 दिन में कटने वाली थी, लेकिन पूरी चौपट हो गई। बागपत, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर में कई जगहों पर गेहूं की फसल का 100 फीसदी तक नुकसान हुआ है। खेतों में हरियाली की जगह सिर्फ ओले दिखाई दे रहे हैं। जिले के कृषि और राजस्व के अधिकारी पहुंचकर नुकसान का जायजा भी ले रहे हैं।

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यूपी, बिहार, पंजाब, हरियाणा में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
गेहूं शोध संस्थान और कृषि अधिकारियों के मुताबिक इस मौसम में इस बदलाव से वर्षा आधारित सिंचाई वाले इलाकों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में नुकसान की आशंका कम है लेकिन यूपी बिहार, पंजाब, हरियाणा में जहां खेतों में पानी भरा है या फसल गिरी है वहां नुकसान ज्यादा हो सकता है।'

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