Sunday, Aug 01, 2021
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दीप सिद्धू के साथ नाम जुड़ने के बाद सनी देओल ने दी सफाई, बोले- नहीं उससे कोई संबंध

  • Updated on 1/27/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस (Republic day) के अवसर पर  किसानों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प देखने को मिली थी। कई जगह दोनों एक दूसरे के सामने भी आए थे। इसी बीच यह आंदोलनकारी लालकिले तक पहुंच गए, वहां इनमें से एक प्रदर्शनकारी ने सिख धर्म के निशान का झण्डा वहां फहरा दिया। झण्डा फहराने वाले शख्स का नाम दीप सिद्धू है, बताया जा रहा है कि दीप  सिद्धू गुरुदासपुर के बीजेपी (BJP) सांसद सनी देओल का करीबी है। इस तरह की खबर सामने आने के बाद सनी देओल ने सफाई दी है और कहा है कि उनका और उनके परिवार का दीप सिद्धू से कोई रिश्ता नहीं है।  

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सनी देओल ने दी सफाई
बता दें कल दिल्ली में प्रदर्शनकारी किसानों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प होने के बाद  भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी और स्वराज पार्टी के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव जैसे नेताओं ने आरोप लगाया था कि दीप सिद्धू बीजेपी सांसद सनी देओल का करीबी है। दीप सिद्धू  और सनी देओेल के नाम जोड़े जाने के बाद सासंद सनी देओल ने सफाई देते हुए उससे किसी तरह की करीबियां होने से इंकार किया है।  

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नहीं है कोई संबंध

बता दें सनी देओल ने ट्वीट करके कहा था कि 'आज लाल किले पर जो हुआ उसे देखकर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी कह चुका हूं, 6 दिसंबर को मैने कहा था कि मेरा और मेरे परिवार का दीप सिद्धू से कोई संबंध नहीं है। बता दें इससे पहले सिद्धू ने फेसबुक पर पोस्ट किये गए एक वीडियो में दावा किया कि वह कोई योजनाबद्ध कदम नहीं था और उन्हें कोई साम्प्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए जैसा कट्टरपंथियों द्वारा किया जा रहा है। सिद्धू ने कहा कि नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए, हमने ‘निशान साहिब’ और किसान झंडा लगाया और साथ ही किसान मजदूर एकता का नारा भी लगाया। उन्होंने‘निशान साहिब’की ओर इशारा करते हुए कहा कि झंडा देश की ‘विविधता में एकता’ का प्रतिनिधित्व करता है।       

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अराजकता स्वीकार नहीं होगी
निशान साहिब’सिख धर्म का एक प्रतीक है जो सभी गुरुद्वारा परिसरों में लगा देखा जाता है। उन्होंने कहा कि लालकिले पर ध्वज-स्तंभ से राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया गया और किसी ने भी देश की एकता और अखंडता पर सवाल नहीं उठाया। विभिन्न दलों के नेताओं ने लाल किले पर हिंसा की घटना की निंदा की है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने घटना का एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया कि वह शुरुआत से ही किसान प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं लेकिन अराजकता स्वीकार नहीं कर सकते।  

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