Tuesday, Jun 22, 2021
-->
republic day uapa sedition charges ghazipur border lal quila violence sobhnt

लाल किला हिंसा के बाद सरकार ने उठाया सख्त कदम, UAPA- राजद्रोह के तहत केस किए दर्ज

  • Updated on 1/29/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान  लाल किले पर हिंसा देखने को मिली थी। इस हिंसा में सैकड़ों पुलिसकर्मी घायल हुए थे और एक किसान की मौत हुई थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने किसानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राजद्रौह और यूएपीए के तहत मामले दर्ज किए हैं। इसकी जांच की जिम्मेदारी एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट एसीपी ललित मोहन नेगी को यूएपीए का नया अधिकारी बनाया गया है जो इस मामले की जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। 

गाजीपुर बॉर्डर कोे नहीं खाली करा पाई सरकार, देर रात वापस भेजे गए सुरक्षाकर्मी 

26 जनवरी को आंदोलन हो गया था उग्र
बता दें 26 जनवरी को किसान आंदोलन उग्र हो गया था। जिसमें सैंकड़ो  पुलिसकर्मी घायल हुए थे जिसकी वजह से कई जगह तोड़फोड़ भी हुई थी। पुलिस ने इसके बाद कई किसानों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की थी। इसके अलावा सैकड़ों किसानों को गिरफ्तार भी किया गया था। पुलिस अब इस पूरी वारदात की जांच कर रही है ताकि हिंसा करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही की जा सके। पुलिस ने कहा है कि किसान नेताओं ने अपना वादा तोड़ा है इसलिए वह उनके खिलाफ भी सख्त कार्यवाही करेगी।    

सरकार के खिलाफ अन्ना हजारे करेंगे आंदोलन, 30 जनवरी से बैठेंगे अनशन पर

दिल्ली पुलिस के जवानों पर किया हमला
दिल्ली पुलिस ने इस पूरी हिंसा के लिए किसान नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने कहा है कि यह सब कुछ साजिश के तहत किया गया है ताकि सरकार को अंतराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी महसूस कराई जा सके। पुलिस ने कहा है कि किसान नेताओं ने जानबूझकर ऐसा महौल बनाया है यह सब सोची समझी साजिश है। सोच समझकर ऐतिहासिक घरोहर को तार-तार किया गया। दिल्ली पुलिस के जवानों पर हमला किया गया।   

राकेश टिकैत ने सरेंडर की अटकलों को किया खारिज,कहा- लालकिला घटना की हो जांच 

एक किसान की मौत हुई
बता दें गणतंत्र दिवस वाले दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से आकर किसानों ने एक साथ ट्रैक्टर रैली निकाली थी। इस ट्रैक्टर रैली में हजारों की संख्या में  किसान इकट्ठा हुए थे। इन किसानों में से कुछ किसानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा दिए गए रुट को बदलकर बैरिकेड तोड़कर आईटीओ की तरफ जाना शुरु कर दिया था। जिसके बाद किसानों और पुलिस के बीच काफी हिंसा हुई थी। जिसमें एक किसान की मौत हो गई और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
 

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.