Friday, Oct 30, 2020

Live Updates: Unlock 5- Day 29

Last Updated: Thu Oct 29 2020 09:53 PM

corona virus

Total Cases

8,071,140

Recovered

7,348,613

Deaths

120,909

  • INDIA8,071,140
  • MAHARASTRA1,666,668
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA812,784
  • TAMIL NADU716,751
  • UTTAR PRADESH476,034
  • KERALA418,485
  • NEW DELHI375,753
  • WEST BENGAL365,692
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA287,099
  • TELANGANA234,152
  • BIHAR214,163
  • ASSAM205,635
  • RAJASTHAN191,629
  • CHHATTISGARH181,583
  • GUJARAT170,053
  • MADHYA PRADESH168,483
  • HARYANA162,223
  • PUNJAB132,263
  • JHARKHAND100,224
  • JAMMU & KASHMIR92,677
  • CHANDIGARH70,777
  • UTTARAKHAND61,261
  • GOA42,747
  • PUDUCHERRY34,482
  • TRIPURA30,290
  • HIMACHAL PRADESH21,149
  • MANIPUR17,604
  • MEGHALAYA8,677
  • NAGALAND8,296
  • LADAKH5,840
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,274
  • SIKKIM3,863
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,227
  • MIZORAM2,359
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
shani jayanti is a very good occasion for shani dev pooja vbgunt

शनि जयंति पर शनिदेव की पूजा से शनि साढ़ेसाति, ढैय्या और महादशा से मिलेगी मुक्ति

  • Updated on 5/21/2020

नई दिल्ली टीम डिजिटल। ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि (amavasya) को शनिदेव (shani dev) का जन्मोत्सव मनाया जाता है। जिसे शनि जयंती (shani jayanti) कहते हैं जो इस बार 22 मई को है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की पूजा करने से शनि साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा (mahadasha) से मुक्ति मिल जाती है।

अयोध्या राम मंदिर के लिए दान होगा आयकर मुक्त , केंद्र सरकार ने जारी किया गजट नोटिफिकेशन

सूर्य के पुत्र हैं शनि मगर आपस में कभी नहीं बनती
शनि सूर्य के पुत्र हैं और उनकी माता छाया हैं। वैसे यह भी मान लेता है कि सूर्य और शनि की मैत्री नहीं है, राशि चक्र के अनुसार शनि मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। शनि लोगों को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। इस साल 24 जनवरी में शनि का गोचर मकर राशि में हुआ था। जिस कारण मिथुन और तुला वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो गई थी। तो वहीं कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती का पहला चरण शुरू हो गया था। मकर और धनु वाले पहले से ही शनि साढ़े साती की चपेट में हैं।

आज से शुरु हो जाएगा ज्येष्ठ महीना, स्वस्थ रहना है तो बस एक टाइम खाना

कैसे करें शनि देव का पूजन
शनि जयंती व्रत विधि: इस दिन सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें। फिर काले कपड़े पर शनिदेव की मूर्ति या फिर एक सुपारी रखकर उसके दोनों और शुद्ध घी व तेल का दीपक जलाकर धूप जलाएं। शनिदेवता की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवायें। इसके बाद अबीर, गुलाल, काजल लगाकर नीले या काले फूल अर्पित करें। भोग स्वरूप इमरती व तेल से बनी वस्तुओं को अर्पित करें। फिर फल अर्पित करें। पंचोपचार पूजा करने के बाद शनि मंत्र का कम से कम एक माला जप करना चाहिए। इसके बाद शनि चालीसा का पाठ करें और आरती उतारकर पूजा संपन्न करें।

वैशाख पूर्णिमा पर करें ‘धर्मराज व्रत’, सत्संग और साहित्य-लेखन सामग्री को बांटने से मिलेगा पुण्य

शनि मंत्र:

  •  ॐ त्र्यम्बकं यजामहे पुष्टिवर्धनम। उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षयी मा मृतात.
  •  ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
  •  ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शन्योरभिस्त्रवन्तु न:

पैसा चाहिए, वैशाख पूर्णिमा है भगवान विष्णु और लक्ष्मी की आराधना का सुनहरा योग

शनि जयंती पर क्या करें
शनिदेव की पूजा करने के दिन सूर्योदय से पहले शरीर पर तेल मालिश कर स्नान करना चाहिये। ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिये। किसी जरूरतमंद गरीब व्यक्ति को तेल में बने खाद्य पदार्थों का दान करना चाहिए। गाय और कुत्तों को भी तेल से बने पदार्थ खिलाने चाहिये। बुजुर्गों और जरुरतमंदों की सेवा करनी चाहिये।

लॉक डाउन में भगवान के घर से निकाले गए 1300 कर्मचारी, तिरुपति बालाजी मंदिर में हुई छटनी

ऐसे हुआ शनि देव का जन्म?
शनि देव के जन्म को लेकर लोगों में अलग-अलग मान्‍यताएं हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार शनि महाराज, भगवान सूर्य और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं। सूर्य देव का विवाह राजा दक्ष की पुत्री संध्या से हुआ था। विवाह के कुछ सालों तक संध्या उनके साथ ही रहीं, लेकिन सूर्य देव का तेज बहुत अधिक था, जिसे वो अधिक समय तक सहन नहीं कर पाईं। इसलिए संध्या ने अपनी छाया को सूर्य देव की सेवा में छोड़ दिया और खुद तपस्या करने चली गयी। कुछ समय बाद छाया ने शनि देव को जन्म दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.