Monday, Mar 01, 2021
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मुस्लिम रेजिमेंट के नाम से फैलाई जा रही फेक न्यूज, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

  • Updated on 10/15/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सोशल मीडिया (Social Media) पर अब फेक न्यूज (Fake News) का सिलसिला आम हो गया है। राजनीतिक दल अपनी सहूलियत के हिसाब से फेक न्यूज फैलाते रहते हैं। ऐसी ही एक फेक न्यूज जो कि सेना से जुड़ी होने के कारण नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल रामदास (Ramdas) समेत भारत के करीब 120 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड को चिट्ठी लिखी है। 

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मुस्लिम रेजीमेंट के नाम से फैलाया जा रहा झूठ
इन सेवानिवृत्त अधिकारियों ने चिट्ठी लिखकर मुस्लिम रेजिमेंट के नाम से फैलाए जा रहे फेक न्यूज पर चिंता जाहिर की है। इन्होंने लिखा है कि सोशल मीडिया पर 2013 से ऐसी फेक न्यूज फैलाई जा रही है कि 1965 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध में मुस्लिम रेजीमेंट ने लड़ने से मना कर दिया था। जबकि सच ये हैं कि भारतीय सेना में कभी मुस्लिम रेजीमेंट रही ही नहीं। 

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड से की गुजारिश
पत्र में भारत-चीन के बीच सीमा तनाव का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ऐसी स्थिति में इस तरह की फेक न्यूज खतरा पैदा कर सकती हैं। इन अधिकारियों ने अपने पत्र में राष्ट्रपति से गुजारिश की है कि वह इस तरह की फेक न्यूज को फैलने से रोके और फैलाने वालों के खिलाफ कार्यवाही करें। 

गौरतलब है कि इन सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने उदाहरण गिनाते हुए अब्दुल हामिद का जिक्र किया है। उन्होंने जिक्र किया है कि सेना का सर्वोच्च पुरस्कार परमबीर चक्र से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के कई मुसलमानों ने आजादी की लड़ाई लड़ी है।  

 

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