Sunday, Dec 04, 2022
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sonia meets some g-23 leaders, discuss internal issues of the party

सोनिया से मिले ‘जी-23’ के नेता आनंद शर्मा, मनीष तिवारी, पार्टी के आंतरिक मुद्दों पर की चर्चा

  • Updated on 3/22/2022

नई दिल्ली/नेशनल ब्यूरो। कांग्रेस के कथित असंतुष्ट समूह G-23 के नेता आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और विवेक तन्खा की मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनके आवास, 10 जनपथ पर मुलाकात हुई। इनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी सोनिया से मिले। असंतुष्ट खेमे के नेता गुलाम नबी आजाद से सोनिया की हुई मुलाकात के चार दिन बाद इन नेताओं से भेंट को पांच राज्यों के चुनावी हार और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में हुई चर्चाओं से जोड़ कर देखा जा रहा है। 

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सूत्र बता रहे हैं कि सोनिया गांधी के साथ बैठक में शामिल नेताओं ने पार्टी संगठन को मजबूत बनाने और संगठनात्मक बदलावों के संबंध में अपने सुझाव दिए। कपिल सिब्बल की ओर से गांधी परिवार को नेतृत्व छोडऩे और किसी और को मौका देने संबंधी बयान देने के बाद G-23 के नेताओं की सोनिया गांधी से हो रही मुलाकातों को पार्टी के आंतरिक द्वंद को थामने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। संकेत यह भी हैं कि ‘G-23’ के कुछ नेताओं को कांग्रेस कार्य समिति में जगह दी जा सकती है। यह भी हो सकता है कि आलाकमान पार्टी संसदीय बोर्ड जैसी कोई इकाई गठित करे, जिसमें इस समूह के कुछ नेताओं को जगह दी जा सकती है। गठित होने पर इस नई इकाई के पास मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तय करने तथा समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने समेत विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर फैसला करने का अधिकार हो सकता है।

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सूत्रों की मानें तो ‘G-23’ समूह कथित तौर पर चाहता है कि राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं की उनके पदों से छुट्टी की जाए और इनमें सबसे प्रमुख नाम संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और महासचिव अजय माकन का है। सूत्रों का कहना है कि असंतुष्ट धड़े को मनाने के लिए इन नेताओं में से एक-दो को उनकी मौजूदा जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व ‘G-23’ का पक्ष सुनकर मतभेदों को दूर कर तथा पार्टी को मजबूत बनाने के लिए समाधान निकालना चाहता है। इसी सिलसिले में सोनिया गांधी आने वाले दिनों में कुछ और नेताओं से भी भेंट कर सकती हैं। हालांकि सोनिया ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश और केरल के भी कुछ नेताओं से मुलाकात की है। 

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वहीं, सूत्र बता रहे हैं कि सोनिया से मिलने के बाद G-23 के नेताओं ने गुलाम नबी आजाद से भेंट की। इसके पहले आजाद ने भी शुक्रवार को सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन कोई मुद्दा नहीं है। आजाद का यह बयान इस मायने में अहम था कि इससे कुछ दिनों पहले ही ‘G-23’ के उनके साथी कपिल सिब्बल ने एक साक्षात्कार में खुलकर कहा था कि गांधी परिवार को नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और किसी अन्य नेता को मौका देना चाहिए। ‘G-23’ समूह पार्टी में संगठनात्मक बदलाव और सामूहिक नेतृत्व की मांग कर रहा है।

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