Saturday, Jan 25, 2020
students are demonstrating outside delhi police headquarters in support of jamia

जामिया के छात्रों की रिहाई के बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर छात्रों का प्रर्दशन खत्म

  • Updated on 12/16/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नागरिकता कानून (CAA) के विरोध के दौरान पुलिस (Delhi Police) द्वारा गिरफ्तार किए गए जामिया (Jamia) के 50 छात्रों को रिहा कर दिया गया है। इसके बाद पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है।  

जामिया विश्वविद्यालय के छात्र रविवार को प्रदर्शन के बाद जंतर मंतर जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस बात पर प्रदर्शनकारी छात्र उग्र हो गए और नोएडा से आ रही एक डीटीसी बस में आग लगा दी।

उसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दी। उसके बाद पुलिस ने छात्रों पर जमकर लाठी चलाई व आंसू गैस फेंके। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने देखते ही देखते डीटीसी व कलस्टर की तीन बसों में आग लगा दी। इसके साथ कई गाड़ियों में तोडफ़ोड़ की। यही नहीं, कई बाइकों में भी आग लगाई। तब पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू कर छात्रों पर काबू पाने के लिए जमकर लाठी चलाए और आंसू गैस फेंके। 

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'जामिया का एक भी छात्र हिंसा में शामिल नहीं'
हालांकि, जामिया प्रशासन का कहना है कि इस आगजनी में जामिया विश्वविद्यालय का कोई भी छात्र शामिल नहीं था। आगजनी करने वाले बाहरी और असामाजिक तत्वों ने इस आगजनी की घटना को अंजाम दिया। यहीं नहीं आग बुझाने आए दमकलकर्मियों पर भी प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। पथराव में दो दमकलकर्मी घायल हो गए। घायल कर्मचारियों की पहचान स्टेशन ऑफिसर ताराचंद और फायर ऑपरेटर भगवान दास के रूप में हुई है। उन्हें उपचार के लिए सनलाइट स्थित जीवन नार्सिंग होम में भर्ती कराया गया।

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भीड़ की गंभीरता को समझने में दिल्ली पुलिस से हुई चूक
पुलिस सूत्रों की माने तो उन्हें भीड़ की गंभीरता को समझने में चूक हो गई। उन्हें लगा प्रदर्शनकारियों की संख्या 250 से 300 के बीच हो सकती है। लेकिन करीब चार हजार से अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल हो गए और वह हिंसा पर उतारू हो गए। उस वक्त उन पर काबू पाने के लिए पुलिस  सफल नहीं हो पाई। इसी का फायदा उठाकर प्रदर्शनकारियों ने जमकर आगजनी व तोडफ़ोड़ की। जब तक मौके पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को बुलाया गया, तब तक प्रदर्शनकारियों ने काफी नुकसान पहुंचा दिया था।

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यातायात प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के सामने मथुरा रोड के दोनों कैरेजवे को बाधित कर दिया। उधर, एहतियातन कदम उठाते हुए ट्रैफिक पुलिस ने ओखला अंडरपास से सरिता विहार जाने वाले मार्ग पर यातायात रोक दिया। लोगों से अपील की गई कि वो इस रास्ते न गुजरें। बता दें कि केंद्रीय दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा था।जहां पूर्वोत्तर के स्टूडेंट्स कानून का विरोध करने के लिए जुटे थे।

मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट गेट कर दिए थे बंद
हिंसक प्रदर्शनों का सड़क यातायात के साथ-साथ मेट्रो सेवा पर भी असर पड़ा। मेट्रो ने ट्वीट कर बताया कि दिल्ली पुलिस की सलाह के बाद सुखदेव विहार मेट्रो स्टेशन के सभी एग्जिट और एंट्री गेट को बंद कर दिया गए।

 

 

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