Wednesday, Oct 27, 2021
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Taking inspiration from the life of Pandit Deendayal Upadhyay, make BJP strong workers

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन से प्रेरणा लेते हुए BJP को मजबूत बनाएं कार्यकर्ता

  • Updated on 9/25/2021

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय में आयोजित एक समागम में एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांत के प्रतिपादक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 105वीं जन्म जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए पार्टी को मजबूत बनाने की अपील की। दिल्ली के अलावा भारतीय जनता पार्टी देश के लगभग 10 लाख 40 हजार बूथों पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती मनायी गयी। सभी पार्टी कार्यकर्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के कृतित्व को याद करते हुए वैचारिक स्पष्टता के साथ समाज की सेवा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ें और देश को एक सबल राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें।  
   राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के उसी एकात्म मानववाद और अंत्योदय की यात्रा को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है। जब पहले जनता पार्टी की सरकार बनी, तब उसमें भी जन संघ का बहुत बड़ा योगदान था। बाद में जब केंद्र में विशुद्ध भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तो एकात्म मानववाद और अंत्योदय को शासन का मूल मंत्र मानते हुए जन सेवा की नीतियां बनीं। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ देश आगे बढ़ रहा है। फिर चाहे आर्थिक विषय हो, सामजिक विषय हो, सोशल सेक्टर को मजबूती देने की बात हो, हर क्षेत्र में प्रधानमंत्री  की योजनाओं का प्रेरणा स्रोत एकात्म मानववाद और अंत्योदय ही रहा। 

समाज के प्रति संवेदनशील और समर्पित थे  दीनदयाल उपाध्याय

 बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना और भारतीय जनसंघ की विचारधारा को प्रतिपादित करते हुए उसे एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के रूप में स्थापित करने की नींव पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने डाली थी। आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में न केवल दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है बल्कि मानवता की सेवा का एक जरिया भी बनी है।  उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। वे एक उत्तम कोटि के विद्यार्थी थे और समाज के प्रति संवेदनशील और समर्पित थे। तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए उन्होंने शिक्षा ली। सरकारी नौकरियों के बावजूद उन्होंने अपने आपको समाज के प्रति समर्पित करना तय किया। जब भारतीय जन संघ की स्थापना हुई तो उन्होंने जन संघ के प्रथम महामंत्री के रूप में कार्य किया। बाद में पार्टी के कालीकट अधिवेशन में वे भारतीय जन संघ के अध्यक्ष भी चुने गए।

जन संघ को देश की एक मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में स्थापित किया

  नड्डा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की राजनीतिक यात्रा बहुत ही छोटी थी लेकिन इतनी कम अवधि में ही उन्होंने जन संघ को बढ़ाने और उसे एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक ऐसे राजनेता थे जिनमें तीनों गुण मौजूद थे। वे एक सफल राजनेता भी थे, कुशल संगठक भी थे और महान विचारक भी थे। यदि हम उन्हें एक राजनेता के तौर पर देखें तो हम पाते हैं कि उन्होंने बहुत ही कम अवधि में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी  के नेतृत्व में भारतीय जन संघ को सदन में प्रतिष्ठित करने और जन संघ को देश की एक मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 


 

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