Saturday, Dec 09, 2023
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Team India ready to take revenge of 3 in 23, see special story Will create history with victory

World Cup 2023 Final: 3 का बदला 23 में लेने के लिए तैयार टीम इंडिया, जीत के साथ रचेगी इतिहास

  • Updated on 11/18/2023

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी प्लेइंग 11 के साथ वर्ल्ड कप 2023 में रचेंगे इतिहास। टीम इंडिया न्यूजीलैंड को सेमीफाइनल में 70 रन से हराकर, लगातार 10 मैच जीतकर फाइनल का सफर तय किया। अब भारत ऑस्ट्रलिया को हराकर 2003 के बदला 2023 लेगी।

3 का बदला 23 में लेने के लिए तैयार टीम इंडिया
जी हां 2003 का बदला भारतीय टीम 2023 में ले सकती है। उस समय भारत को विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने ही हराया था और अब भारत के पास ऑस्ट्रेलिया को हराने का मौका है। विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन इस 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं, जो 2011 में टीम इंडिया के लिए विश्व कप का खिताब जीतने का स्वाद चख चुके हैं। उनके पास दूसरी बार इस उपलब्धि को अपने नाम करने का मौका होगा। वहीं, रोहित शर्मा बतौर कप्तान और खिलाड़ी अपनी कैबिनेट में एक और आईसीसी ट्रॉफी जोड़ना पसंद करेंगे। उन्होंने 2007 में टी20 विश्व कप और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी एमएस धोनी की कप्तानी में जीती है। दो एशिया कप भी वे जीत चुके हैं।


1983 के बाद 2011 के बाद रोहित की कप्तानी करेगी कमाल
रविवार को होने वाला फाइनल पूरी तरह से अलग होगा। कपिल देव ने 1983 में जब लार्ड्स में विश्व कप ट्रॉफी उठाई थी तो यह भारतीय क्रिकेट में नए युग की शुरुआत थी। महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 में जगह फाइनल में विजयी छक्का जड़ा तो इससे विश्व क्रिकेट में भारत के दबदबे की शुरुआत की।

 कोई भी टीम वर्ल्ड कप में 11 जीत शिखर तय नहीं कर पायी
किसी भी टीम ने लगातार 11 जीत के साथ विश्व कप नहीं जीता हैं। यहां तक कि 2019 में इंग्लैंड को खिताबी जीत के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। रोहित बेशक इतिहास रच देंगे, क्योंकि अगर उनकी टीम लगातार 11वीं जीत दर्ज करने में सफल रहती है तो इस रिकॉर्ड को तोड़ना बेहद मुश्किल होगा।
रोहित ने अब तक आगे बढ़कर टीम की अगुआई की है।

 सेमीफाइनल में मोहम्मद शमी बने प्लेयर ऑफ द मैच
उन्होंने 124 के शानदार स्ट्राइक रेट से 550 रन बनाए हैं और 'रन मशीन विराट कोहली (90 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 711 रन) को पारी को संवारने के लिए शानदार मंच दिया है। शुभमन गिल ने डेंगू और थकान से उबरने के बाद समय-समय पर अपने स्तर का परिचय दिया है। श्रेयस अय्यर ने शॉर्ट गेंद के खिलाफ कमजोरी से उबरते हुए सेमीफाइनल में शतक जड़ा और वह भी अच्छी लय में हैं। भारत के अभियान में हालांकि जिसने सबसे बड़ा अंतर पैदा किया वह हैं मोहम्मद शमी। शुरुआती मुकाबलों में एकादश से बाहर रहने के बाद 'अमरोहा एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर इस तेज गेंदबाज ने 23 विकेट चटकाकर भारतीय टीम को अजेय बना दिया।


शमी इस पुरानी कहावत को सही साबित कर रहे हैं कि बल्लेबाज आपको मैच जिताते हैं, लेकिन गेंदबाज आपके लिए टूर्नामेंट जीत सकते हैं। इसके अलावा टीम के पास लोकेश राहुल का धैर्य, रविंद्र जडेजा का ऑलराउंडर खेल और सूर्यकुमार यादव का 'एक्स फैक्टर' भी है। कुलदीप यादव अपनी स्पिनर से बल्लेबाजों को लगातार परेशान कर रहे हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गजों पर भी भारी पड़ सकती है।

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