Monday, Dec 06, 2021
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The reason for pollution in Delhi changes as the weather changes

मौसम बदलते ही बदल जाती है दिल्ली में प्रदूषण की वजह

  • Updated on 11/25/2021


नई दिल्ली/ अनिल सागर। दिल्ली में प्रदूषण की वजह मौसम के साथ ही बदलती है और कम से कम यह वैज्ञानिकों के अध्ययन में सामने जरूर आया है। पिछले महीने और इसी माह के पहले पखवाड़े के बीच हुए अध्ययन बताते हैं कि अक्तूबर में जहां प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह दिल्ली के वाहन रहे हैं तो वहीं नवम्बर में पराली को कहा जाएगा। हालंाकि ये आंकड़े प्रदूषण पर प्रतिबंध लागू होने से पहले के हैं। 
     पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वैज्ञानिकों ने दो बार अलग-अलग पांच-पांच दिन के आंकड़ों का अध्ययन किया। सफर के वैज्ञानिक गुरफान बेग ने बताया कि 30 अक्तूबर से 3 नवम्बर के बीच उद्योग, दिल्ली के वाहन और अन्य बाहरी कारणों से प्रदूषण दर्ज किया गया है। अन्य बाहरी कारणों में पराली शामिल नहीं है। जबकि नौ नवम्बर से 13 नवम्बर के बीच किए अध्ययन बताते हैं कि औद्योगिक क्रियाकलापों, वाहनों से प्रदूषण कम हो गया लेकिन पराली के मामलों में वृद्धि दिखाई दी। उन्होने कहा कि यह दिखाई दे रहा है कि मौसम बदलते ही प्रदूषण की वजह भी बदल गई। 
      नवम्बर के पहले 13 दिन में सबसे ज्यादा प्रदूषण पराली से हुआ जब दिल्ली में 30 प्रतिशत पीएम-2.5 पराली की वजह से बढ़ा जिससे एक्यूआई  भी चढ़ गया। लेकिन बाहरी कारणों से होने वाले प्रदूषण में ज्यादा फर्क नहीं आया और यह 23 से 18 प्रतिशत हो गया। जबकि वाहनों से होनेेे वाला प्रदूषण इसी अवधि में अक्तूबर-28 प्र. से नवम्बर माह में 22 रहा। हां, पराली जरूर 8 से 30 प्रतिशत हो गई। बता दें कि नौ नवम्बर को वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 404 था तब 5200 जगह पराली प्रदूषण में 27 प्रतिशत के हिस्सदेार थी। जबकि 13 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने जब लॉकडाउन की संभावना तलाशने के लिए कहा तो पराली 3157 जगह जल रही थी लेकिन दिल्ली का एक्यूआई 473 था। 
       इसके बाद ही वर्क फ्रॉम होम, बाहरी ट्रकों पर रोक, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान समेत सभी प्रशिक्षण संस्थान, छोटी-बड़ी सभी निर्माण व विध्वंस गतिविधियां बंद कर दी गईं। इतना ही नहीं दिल्ली सरकार के अधीन सभी कार्यालय, कॉरपोरेशंस और स्वायत्तशासी संस्थाएं 17 नवम्बर तक बंद कर दी गईं। सफर ने बताया कि पहले अध्ययन के दौरान पराली 12565 जली थी जबकि 9 नवम्बर से 13 नवम्बर के बीच 19920 जगह पराली जल चुकी थी। 

प्रदूषण के प्रमुख कारण 
30 अक्तूबर से 3 नवम्बर---9 नवम्बर से 13 नवम्बर 
अन्य बाहरी- 23 प्र. -- 18 प्रतिशत 
औद्योगिक- 16 प्रतिशत--12 प्रतिशत 
पराली- 8 प्र.--- 30 प्र. 
ट्रांस्पोर्ट-28 प्र. --22 प्र. 
बायोफ्यूल- 06 प्र.-----04 प्र. 
धूल----11 प्र. ------ 08 प्र. 
 

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