Friday, May 20, 2022
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टीकरी बॉर्डर पर रास्ता खुला, किसान बोले अब वार्ता भी खुले

  • Updated on 10/30/2021


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। किसान आंदोलन के चलते पिछले 11 महीने से बंद टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली से हरियाणा की ओर जाने वाली सड़क का कैरिजवे दिल्ली पुलिस ने फिर से खोल दिया है। इसके बाद ही किसानों ने जहां वीडियेा जारी कर लोगों से बॉर्डर पर पहुंचने की अपील की वहीं किसान नेताओं ने भी सरकार से कहा कि रास्ता खोल रहे हैं, वार्ता  भी खोलिए। 
कुछ अस्थायी अवरोध हैं: पुलिस उपायुक्त 
      दिल्ली पुलिस के डीसीपी परविंदर सिंह ने बताया, सड़क पर अभी भी कुछ अस्थायी अवरोध हैं। उन्होंने बताया कि किसानों के अनुरोध के अनुसार, इस सड़क पर केवल दोपहिया, तिपहिया और आपातकालीन वाहन ही चलेंगे। दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर रास्ता खोलने को लेकर किसानों और प्रशासन में सहमति बनी थी। दोनों की सहमति में यह तय किया गया था कि टिकरी बॉर्डर पर पांच फुट का रास्ता खोला जाएगा, जिससे दो पहिया, एंबुलेंस और पैदल आने-जाने वाले निकल सकेंगे। सुबह सात बजे से शाम आठ बजे तक रास्ता खोलने को लेकर प्रशासन और किसानों में सहमति बनी। 
यूपी गेट पर भी कुछ बेरिकेडिंग हटी 
      इसके साथ ही रात के वक्त एंबुलेंस को को छोड़कर किसी को भी निकलने की अनुमति नहीं दी गई है। बता दें कि यूपी गेट पर दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे (एनएच-9) पर दिल्ली की तरफ जाने वाले रास्ते पर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के बेरिकेडिंग को हटाए थे। हालांकि अभी भी एक्सप्रेस वे तीन में से एक लेन व एनएच-9 की दो में एक लेन से ही बेरीकेडिंग हटी है। अभी भी एक्सप्रेस वे के बाकी हिस्से पर बेरिकेडिंग व सुरक्षा बल के दो अस्थाई कैंप बने हुए हैं। बता दें कि केन्द्र के तीन नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की 26 जनवरी को दिल्ली में 'ट्रैक्टर परेडÓ के दौरान ङ्क्षहसा होने के बाद, पुलिस ने वहां लोहे तथा सीमेंट के अवरोधक और कांटेदार तार लगा दिए थे।
सर्विस लेन में कंक्रीट ढांचा 
        किसानों ने बताया कि सर्विस लेन पर तीन स्तरीय बेरिकेडिंग (कंक्रीट ढांचे) को नहीं हटाया गया है। वहीं दूसरी तरफ एक्सप्रेस वे वाली लेन पर किसानों का मंच, व एनएच-9 पर किसानों की झोपड़ी बनी हुई हैं। किसान एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं में लगे वाहनों को जाने दे रहे हैं। अब किसानों को संयुक्त किसान मोर्चा व भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत के अगले आदेश का इंतजार है। जबकि भाकियू मीडिया की ओर से यूपी गेट पर यथास्थिति रहने दावा किया जा चुका है। एक्सप्रेस वे पूरी तरह से नहीं खुलने से दिल्ली आवागमन करने वालों की परेशानी बरकरार है।
40 फुट का रास्ता खोलना चाहा लेकिन बातचीत बेनतीजा रही
        किसान नेताओं ने कहा कि पुलिस ने 40 फुट का रास्ता खोलना चाहा लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। हम पहले ही कह रहे हैं कि किसानों ने सड़कों को अवरुद्ध नहीं किया है। सभी मोर्चा स्थलों पर दोनों तरफ  से यातायात को जगह दी गई है। वहीं नेताओं ने कहा कि यदि पूरे मार्ग को खोला जा रहा है, तो भारत सरकार भी किसानों के साथ बातचीत का रास्ता खोले और उनकी मांगों को पूरा करे। उन्होने कहा कि घटनाक्रम के आगे के आकलन के आधार पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। 
 

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