Sunday, Apr 18, 2021
-->
toolkit case disha ravi greta thunberg toolkit whatsapp sobhnt

Tool kit सामने आने के बाद दिशा ने ग्रेटा से की थी वाट्सएप चैट, सबूत आए सामने

  • Updated on 2/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अंतराष्ट्रीय पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग (greta thunberg) से जुड़े टूल किट को लेकर एक निजी चैनल ने बड़ा खुलासा किया है। उसने दावा किया है कि जिस दिन टूल किट पोस्ट की थी। उसी समय ग्रेटा थनबर्ग से दिशा रवि (Disha Ravi) ने बात की थी। उसने यहां तक दावा किया है कि उनके पास दिशा रवि और ग्रेटा थनबर्ग की बातचीत का चैट भी है। जिसमें दिशा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि सरकार उनके खिलाफ UAPA के तहत कार्यवाही कर सकती है।  

बंगाल में चुनावों से पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने की मिथुन चक्रवर्ती से मुलाकात

करीब 20 मिनट हुई बात 
बता दें इस खुलासे में यह बात सामने आई है कि जिस समय ग्रेटा ने टूल किट शेयर की थी। उस समय दिशा ने उन्हें टूल किट शेयर नहीं करने को कहा था और चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि हम लोगों के खिलाफ कार्यवाही हो सकती है। दोनों ने इसके बाद करीब 20 मिनट तक वाट्सऐप चैट की। जिसमें दिशा ने उनको भरोसा दिलाया कि उन पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी।  

दुनिया के इन देशों को भारत की ओर से तौहफा, कोरोना से जंग में 2 करोड़ से अधिक खुराक


दिशा और ग्रेटा के बीच टूल किट अपलोड होने के बाद यह बात हुई

ग्रेटा- अच्छा होता कि यह अभी तैयार होता, इसके चक्कर में मुझे कई धमकियां मिलती, इसने तो हंगामा खड़ा कर दिया
दिशा- Shi, shit अभी भेज रही हूं। क्या तुम टूलकिट को बिल्कुल ट्वीट नहीं कर सकती। तो क्या अभी हम कुछ भी नहीं बोल सकते ? मैं अभी अपने वकीलों से बात कर रही हूं। I am Sorry इस पर हमारा नाम है और हम लोगों के खिलाफ UAPA के तहत कार्यवाही की जा सकती है।

ग्रेटा- मुझे कुछ लिखना है
दिशा लिखती है कि क्या तुम मुझे 5 मिनट दे सकती हो मैं अपने वकीलों से बात कर रही हूं।

ग्रेटा लिखती है कि कई बार नफरत वाली आंधी आती है तो यह वाकई जबरदस्त होती है। 
दिशा- पक्का, मुझे माफ करना, हम सब डर गए थे क्योंकि यहां हालात खराब होने लगे थे, मगर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि तुम पर आंच न आए। हमें सभी सोशल मीडिया हैंडल को डिएक्टिवेट करना होगा।  

भारत को बदनाम करने की बड़ी साजिश
किसान आंदोलन की आड़ में भारत को बदनाम करने के लिए ही टूलकिट तैयार किया गया था। ऐसे में अब दिल्ली पुलिस इस मामले में तह तक जांच करने में जुट गई है। पुलिस ने 26 जनवरी के दिन हुई हिंसा के साथ-साथ टूलकिट मामले की जांच भी तेज कर दी है, जिसके चलते आए दिन नए और चौंका देने वाले खुलासे हो रहे हैं। इससे पहले सोमवार को जांच के दौरान आईएसआई से जुड़े भजन सिंह भिंडर उर्फ इकबाल चौधरी और पीटर फ्रेडरिक के नाम सामने आए। पीटर फेड्रीक खालिस्तानी समर्थक है और टूलकिट मामले में रिसोर्स पर्सन यही है।   

Farmers Protest: आंदोलनकारियों को नहीं सताएगी गर्मी, कैंप में लगाए जाएंगे कूलर

जूम मीटिंग एप के जरिए रची गई साजिश
बता दें कि टूलकिट को फैलाने के मामले में दिशा रवि की गिरफ्तारी तो हो गई है, लेकिन निकिता और शांतनु जो मुख्य रूप से इससे जुड़े थे वह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। हालांकि पुलिस ने निकिता और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया है। इसके अलावा करीब 70 लोग हैं, जो टूलकिट के माध्यम से पूरी साजिश को अंजाम देने में शामिल रहे। इन सभी ने जूम मीटिंग एप के जरिए ये पूरी साजिश प्लान की थी। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने टूलकिट मामसे में जांच का दायरा बढ़ा दिया है। 

 

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.