Monday, Mar 01, 2021
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टावर मामला: किसान आंदोलन के खिलाफ कोर्ट पहुंची RIL, कहा- हजारों कर्मचारियों का जीवन खतरे में...

  • Updated on 1/4/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसान संगठनों का विरोध प्रदर्शन 40वें दिन भी जारी है। लेकिन किसानों का ये प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता दिखाई दे रहा है। हाल ही में किसान आंदोलन (Farmers Protest) के दौरान पंजाब में रिलायंस जियो के मोबाइल टावरों में तोड़फोड़ की घटना हुई। जियो टावर के साथ हो रहे तोड़फोड़ को लेकर रिलायंस ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। रिलायंस (Reliance) ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इसके साथ ही कंपनी ने अपनी संपत्ति और सुविधाओं की रक्षा के लिए सरकारी अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग की है जिससे जियो की सेवा सुचारु रूप से चल सके।

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रिलायंस ने अपनी याचिका में कहा ये
मोबाइल टावर में तोड़फोड़ के मामले में रिलायंस ने सोमवार को एक बयान जारी किया है। इसमें कंपनी ने कहा है कि उपद्रवियों द्वारा पंजाब के जियो के टावरों को नुकसान पहुंचाने और तोड़फोड़ किया जा रहा है। उपद्रवियों के इस कदम से रिलायंस के काम में नुकसान हो रहा है, इसके साथ ही बाधा भी उत्पन्न हो रही है। इतना ही नहीं रिलायंस ने एयरटेल और उसकी प्रतिस्पर्धी कंपनियां प्रदर्शनकारियों को उसके टावरों को नुक्सान पहुंचाने का आरोप लगाया है। इसके लिए वह उपद्रवियों को जानबूझ कर उकसा भी रही है। याचिका में कहा गया है कि इस वजह से हमारे यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।

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एयरटेल ने आरोपों को बताया बेतुका
रिलायंस के इस आरोप पर भारती एयरटेल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने संचार मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा कि रिलायंस जियो द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और उनके पास इस बात का कोई सबूत भी नहीं है। दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल ने टावरों को हाल ही में पहुंचाए गए नुक्सान के मामले में दूरसंचार विभाग को पत्र लिखकर प्रतिस्पर्धी कंपनी रिलायंस जियो के आरोपों को बेबुनियाद व बेतुका करार दिया है। 

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एयरटेल ने दूरसंचार विभाग को लिखा पत्र
एयरटेल ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) को बताया कि जियो ने अपने आरोपों के साथ कोई सबूत नहीं दिया है। कंपनी ने कहा कि जियो इस बात का कोई सबूत नहीं दे पाई है कि उसके टावरों को किए गए नुक्सान में भारती की कोई भूमिका है। अत: अवमानना के साथ जियो के आरोपों को खारिज किया जाना चाहिए। एयरटैल द्वारा दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश को लिखे पत्र में कहा गया है कि कम्पनी पंजाब और हरियाणा में किसान विरोध के कारण रिलायंस जियो की सेवाओं को बाधित करने के संदर्भ में उसके (जियो) द्वारा 28 दिसंबर को विभाग को की गई एक शिकायत से अवगत है। 

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किसान ने तोड़ा JIO का टावर
गौरतलब है कि किसान आंदोलन के बीच एक खबर समान्य हो गई है। कृषि कानूनों से नाराज किसान हरियाणा और पंजाब में जियो के मोबाइल टावर्स में तोड़फोड़ की जा रही है। किसान ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके लगता है कि सरकार पर मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) का दवाब है। इसलिए वह इन बिलों को वापस नहीं ले रही है। दोनों राज्यों में अभी तक किसान 1500 से ज्यादा टावर्स को नुकसान पहुंचा चुके हैं।

बता दें किसान जिन टावर्स को जिओ के टावर्स समझकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्हे जियो पहले ही कनाडा की एक कंपनी को बेच चुकी है। कंपनी यह डील 2020  में कर चुकी है। कंपनी केवल इस टावर्स के इस्तेमाल के लिए किराया देती है। बता दें यह पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में हो रहा है। इन किसानों को लगता है कि ऐसा करके वह जियो को सबक सिखा रहे हैं मगर सच्चाई कुछ और ही है।  

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कंपनी कर चुकी है शिकायत
गौरतलब है कि इससे पहले जिओ को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी जिओ की सिमों को पड़ी संख्या में पोर्ट कराने के लिए अर्जी डाली थी। कंपनी ने उस समय ट्राई से इसकी शिकायत भी की थी। कंपनी इसके लिए वोडाफोन- आइडिया और एयरटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि कंपनी ने टावर्स तोड़े जाने के बाद कोई अधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।  

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25 हजार करोड़ में बेचे टावर
बता दें जियो के ये टावर कनाडा की कंपनी ब्रूकफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स एलपी ने खरीदे हैं। ये टावर 25,215 करोड़ रुपये में खरीदे गये हैं। जियो के देश भर में 1 लाख 35 हजार से अधिक टावर थे। ये टावर इससे पहले तक जियो द्वारा ही संचालित किये जा रहे थे। जिओ अब बस इनकी सेवा लेने के लिए किराया दे रहा है। जिओ को इससे कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। क्योंकि वह पहले ही इसे बेच चुका है।  

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व्यवस्था चरमरागई
गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों को टावर्स को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कई बार कहा है कि राज्य में टावर्स तोड़े जाने से संचार व्यवस्था चरमरा गई है। वह कहते हैं कि प्रदर्शनकारियों को ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे राज्य की संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है। बता दें वहीं, सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने पंजाब और हरियाणा सरकार से टावर्स की सुरक्षा की मांग की है। सरकार भी किसानों के इस एक्शन से चिंतित है।  

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