Tuesday, Oct 04, 2022
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up election 2022: voting begins under shadow of hijab controversy

हिजाब विवाद के साए में वोटिंग का आगाज, पश्चिमी UP की 58 सीटों पर मतदान

  • Updated on 2/10/2022

नई दिल्ली/शेषमणि शुक्ल। उत्तर प्रदेश की 58 विधानसभा सीटों पर मतदान के साथ पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का आगाज वीरवार से हो जाएगा। कर्नाटक के हिजाब विवाद के बीच होने जा रहे मतदान से ही आगे के चुनाव के सियासी समीकरण भी तय होने वाले हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले 11 जिलों की इन 58 विधानसभा सीटों पर योगी सरकार के नौ मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक होगा।

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इस चरण में शामली, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा जिलों में मतदान होगा। पहले चरण के लिए चुनाव प्रचार का काम मंगलवार शाम पांच बजे बंद हो गया। पहले चरण में कुल 623 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनके लिए 2.27 करोड़ मतदाता वोट करेंगे। इन 58 सीटों में से 49 सामान्य श्रेणी की तो 9 आरक्षित हैं।

योगी सरकार के इन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर

पहले चरण का चुनाव जाट बहुल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में है। इस चरण में प्रदेश सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा, सुरेश राणा, संदीप सिंह, कपिल देव अग्रवाल, अतुल गर्ग, चौधरी लक्ष्मी नारायण, वित्त एवं स्वास्थ्य शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, समाज कल्याण मंत्री जी.एस. धर्मेश, वन मंत्री अनिल शर्मा और जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक के राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा।

भाजपा पर 2017 दोहराने की चुनौती
पिछले विधानसभा चुनाव में इन 58 में से 53 सीटों पर भाजपा की जीत हुई थी, जबकि दो-दो सीटें सपा-बसपा और एक सीट आरएलडी को मिली थी। हालांकि आरएलडी विधायक ने बाद में भाजपा ज्वाइन कर लिया था, जिसके चलते भाजपा की सीटें बढ़ कर 54 हो गई थी। इस बार भाजपा को 2017 दोहराने की चुनौती है तो पिता चौधरी अजीत सिंह का साया हटने के बाद पहली बार अकेले आरएलडी को संभाल रहे जयंत चौधरी के संगठन क्षमता, राजनीतिक कुशलता और नेतृत्व की परीक्षा होनी है। जाट लैंड में आरएलडी ने शून्य से आगे बढऩे की कोशिश में इस बार सपा के साथ गठबंधन किया है। हालांकि इस बार के चुनाव में कोरोना के चलते प्रचार बुरी तरह प्रभावित रहा। महामारी के मद्देनजर निर्वाचन आयोग द्वारा रैलियों और रोड शो पर प्रतिबंध लगाए जाने कारण प्रचार डिजिटल माध्यम से ही किया गया।

चुनाव पर छाया हिजाब का साया
पहले चरण के मतदान से यूपी समेत बाकी राज्यों में चुनावी ट्रेंड तय होना है। जाट लैंड कहे जाने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में करीब 26 फीसद मुस्लिम आबादी है जिनकी मौजूदगी लगभग सभी विधानसभा सीटों पर है। यही कारण है कि कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद को यूपी चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक दो दिन पहले एंट्री करा दी गई।एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रहे हैं। भाजपा के नेता भी हिजाब मुद्दे पर तीखी टिप्पणियां कर मुद्दे को हवा देने वोट ध्रुवीकरण की कोशिश में लगे हैं। पिछले चुनाव में भाजपा ने सैनी, कश्यप जैसी अति पिछड़ी जातियों के साथ जाट और दलित वोट बैंक में सेंधमारी कर जबरदस्त जीत दर्ज की थी। लेकिन उस जीत में 2014 के मुजफ्फरनगर दंगे से बना सांप्रदायिक ध्रुवीकरण भी प्रमुख वजह रही। इस बार पांच साल की यूपी और सात साल की केंद्र की भाजपा शासित सरकारों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर और किसान आंदोलन का असर है। किसान आंदोलन के चलते ही जाट भी कुछ हद तक भाजपा से नाराज दिख रहे हैं। वहीं, सपा और आरएलडी के गठबंधन से बने जातीय समीकरण ने भी भाजपा की चुनौती बढ़ा दी है। अगर जाट-मुस्लिम गठजोड़ वापस बन गया तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान की अगुवाई की और उनके समेत पार्टी के बाद दिग्गज भी घर-घर जाकर वोट मांगते दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने केंद्र और उत्तर प्रदेश में पार्टी के नेतृत्व वाली सरकारों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए भाजपा के पक्ष में वोट करने की अपील की। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले कैराना से हिंदुओं के पलायन का मुद्दा बार-बार उठाया। जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने अपने चुनाव प्रचार अभियान में किसानों के मुद्दों को उठाया और भाजपा नेताओं पर झूठ बोलने के आरोप लगाया। अपने चुनाव प्रचार अभियान की देर से शुरुआत करने वाली बसपा अध्यक्ष मायावती ने लोगों को अपनी पिछली सरकार के कार्यकाल में राज्य की कानून व्यवस्था की याद दिलाई और प्रतिद्वंद्वी पार्टियों पर प्रदेश की जनता से ‘छल’ करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मतदाताओं के घर घर जाकर वोट मांगे।
 

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