Wednesday, Nov 13, 2019
uttar-pradesh-ayodhya-dispute-meerut-cyber-cell-social-media

अयोध्या विवाद: फैसले से पहले अलर्ट, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सहित 10 को जिला छोड़ने का नोटिस

  • Updated on 11/8/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अयोध्या विवाद (Ayodhya dispute) पर फैसले की घड़ियां नजदीक आ चुकी है। इसके संबंध में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों की पुलिस को अलर्ट पर रखा है। साथ ही सोशल मीडिया (Social media) सहित किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पूरी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक पूर्व विधायक और एक पूर्व मंत्री सहित दस अन्य विवादित लोगों को चिन्हित कर जिला बदर किए जाने का नोटिस जारी कर दिया है।

अयोध्या मामला: सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर CJI से मिले UP के DGP और मुख्य सचिव

जिले को 8 सेक्टरों और 31 जोन में विभाजित किया गया
बता दें कि आदेश जारी कर कहा गया है कि निर्णय के दिन ये लोग मेरठ (Meerut) में नजर आते हैं तो इन्हें तत्काल प्रभाव से हिरासत में ले लिया जाएगा। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिले को 8 सेक्टरों और 31 जोन में विभाजित किया गया है। इसके साथ ही 136 संवेदनशील इलाकों को चिन्हित कर यहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में 1250 पुलिसकर्मी के साथ पीएसी (PAC) की पांच कंपनी और आरएएफ की एक कंपनी तैनात की गई है।

अयोध्या मामला: रेलवे पुलिस ने 78 प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ायी, सभी सुरक्षा कर्मियों की छुट्टिया

पूर्व विधायक योगेश वर्मा और पूर्व  मंत्री याकूब कुरैशी चिन्हित
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 200 और पुलिसकर्मियों की मांग की है। बता दें कि उपद्रवियों पर कड़ी नजर रखने के लिए बुलंदशहर (Bulandshahr) के नरौरा (Narora) और हिंडन नदी (Hindon River) पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस पूरे मामले में चिन्हित किए गए दस उपद्रवियों के नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए हैं। पूर्व विधायक योगेश वर्मा और पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी चिन्हित किए गए नामों में बड़े नाम हैं। इन लोगों के खिलाफ पहले भी कई गंभीर अपराधों में प्रथमिकी दर्ज की जा चुकीं हैं। विवाद के दौरान सोशल मीडिया (Social media) पर कड़ी नजर रखने के लिए साइबर सेल और क्राइम टीम को अलर्ट पर रखा गया है।

नोटबंदी के 3 साल पूरे होने पर बोलीं प्रियंका, इस आपदा ने देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों निर्देश
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलों एवं जनपदों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को ये निर्देश दिए। उन्होंने अयोध्या सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश स्तर पर और प्रत्येक जनपद में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित कर तुरन्त संचालित करने के निर्देश दिए। ये नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे लगातार कार्य करेंगे। 

रेलवे में जाति के आधार पर भर्ती का निकाला विज्ञापन

अव्यवस्था और अराजकता पैदा करने वालों को बख्शा न जाए- योगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्वों एवं त्योहारों की आड़ में अव्यवस्था और अराजकता पैदा करने वालों को बख्शा न जाए और समय रहते कार्रवाई की जाए। उन्होंने सुरक्षा कड़ी किए जाने और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या जनपद में साफ-सफाई और विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के अलावा अयोध्या आने-जाने वाले मार्गों पर भीड़ की स्थिति से निपटने के इंतजाम करने को कहा है।  

comments

.
.
.
.
.