Friday, Sep 30, 2022
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what are the income sources of goverment budget sobhnt

जानिए, 30 लाख करोड़ वाले भारत के बजट के लिए कहां से आता है पैसा

  • Updated on 2/1/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  देश में आज 1 फरवरी 2021 को देश का आम बजट पेश होने वाला है। ऐसे में देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी जरुरत के हिसाब से बजट से अपेक्षाएं हैं। हर बार की तरह इस बार भी विभिन्न सेक्टर की योजनाओं पर सरकार अच्छा खासा पैसा खर्च करने वाली है, इस पूरे गणित के बीच लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि सरकार इतना पैसा कहां से लाती है, सरकार की कमाई का जरिया कौन-कौन सा है आइए हम आपको बताते हैं।  

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कहां से आती है बजट की मोटी रकम
बता दें सरकार बजट के माध्यम से पूरा साल का खर्चे के तय करती है, सरकार विभिन्न योजनाओं को साल भर कितना पैसा देगी और इस बार किसकी योजना को कम पैसा दिया जाएगा या फिर इन सबके बारे में बजट में बताती है। पिछले साल पेश हुए बजट का आकार 30 लाख करोड़ था, अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा होगा कि इतनी बड़ी रकम सरकार के पास कैसे आई, आइए हम आपको बताते हैं कि सरकार इतना पैसा कैसे इकट्ठा करती है। 

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1 रुपए के गणित से समझिए
अगर मान लिया जाए सरकार को जो रुपए प्राप्त होते हैं उसकी कुल कीमत एक रुपया है तो फिर हम आपको समझाते  हैं  कि इस एक रुपए को सरकार किस माध्यम से प्राप्त करती है। वैसे बता कि सरकार की कमाई का मोटा हिस्सा राजस्व और कर से आता है और दूसरा हिस्सा उधार और देयताओं से प्राप्त होता है। इसके इलावा किस से कितना फीसद प्राप्त होता है उसे यहां समझिए

 

उधार और अन्य देयताएं- 20 पैसे  
निगम कर- 18 पैसे 
इनकम टैक्स- 17 पैसे 
सीमा शुल्क- 4 पैसे
केंद्रीय उत्पाद शुल्क- 7 पैसे 
जीएसटी एंव अन्य कर- 18 पैसे 
विभिन्न राजस्व कर- 10 पैसे
कर्ज के इतर कैपिटल इनकम से- 6 पैसे  

इस तरह से सरकार को एक रुपया प्राप्त होता है। इसमें थोड़ा बहुत इधर-उधर हो सकता है मगर अधिकांश हिस्सा तो यही से प्राप्त होता है। इसके अलावा कमाई की हुई रकम को सरकार किस तरीके से खर्च करती है इसका भी लेखा-जोखा हम आपको 1 रुपए के हिस्से के रुप में समझाना चाहते हैं, हम बताना चाहते हैं कि सरकार किस तरह से अपने फंड को कहां देती और  उसके लिए तय हिस्सा कितना होता है। 


ब्याज अदायगी- 18 पैसे 
केन्द्रीय क्षेत्र की योजनाएं- 13 पैसे 
वित्त आयोग और अन्य अंतरण- 10 पैसे 
करों और शुल्कों में राज्यों का हिस्सा- 20 पैसे 
केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं-9 पैसे
आर्थिक सहायता-6 पैसे
रक्षा क्षेत्र-8 पैसे
पेंशन- 6 पैसे

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