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सुरक्षा को लेकर Whats app ने दी सफाई, नीति के बदलाव से संदेशों पर नहीं होगा असर

  • Updated on 1/13/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल।  व्हाट्सऐप (Whats app)  ने मंगलवार को उपयोगकर्ताओं की जानकारी की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि उसके ताजा नीतिगत बदलावों से संदेशों की गोपनीयता प्रभावित नहीं होती है। फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी ने नई निजता नीति और सेवा शर्तों को लेकर विभिन्न तबकों की आलोचनाओं के बीच यह बात कही है।     

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फेसबुक के साथ साझा नहीं करती
व्हाट्सऐप ने एक ब्लॉगपोस्ट में कहा कि वह विज्ञापनों के उद्देश्य से उपयोगकर्ताओं की संपर्क सूची या आंकड़ों को फेसबुक के साथ साझा नहीं करती है। साथ ही न तो  और न ही फेसबुक न तो व्हाट्सऐप  पर उपयोगकर्ताओं के संदेश को पढ़ सकते हैं और न ही कॉल सुन सकते हैं। पिछले हफ्ते व्हाट्सऐप ने अपनी सेवा शर्तों और निजता से जुड़ी नीति में बदलाव के बारे में बताया था। उसने कहा था कि वह दिग्गज सोशल मीडया के उत्पादों के साथ एकीकरण के तहत किस तरह उपयोगकर्ताओं के आंकड़ों का इस्तेमाल करती है और किसी तरह फेसबुक के साथ उन्हें साझा किया जाता है।       व्हाट्सऐप ने यह भी कहा कि उसकी सेवा का उपयोग जारी रखने के लिए उपयोगकर्ताओं को आठ फरवरी 2021 तक नई शर्तों और नीति को स्वीकार करना होगा।        

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नहीं होगी गोपनीयता प्रभावित
व्हाट्सऐप द्वारा कथित रूप से फेसबुक के साथ उपयोगकर्ताओं की सूचना साझा करने को लेकर दी गयी जानकारी के बाद इंटरनेट पर चर्चा शुरू हो गई। कइयों ने इसकी आलोचना की और कई लोगों ने टेलीग्राम और सिग्नल जैसे प्रतिस्पर्धी मंचों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। व्हाट्सऐप ने कह कि हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि नीति में बदलाव से किसी भी तरह से दोस्तों या परिवार के साथ आपके संदेशों की गोपनीयता प्रभावित नहीं होगी। इसकी जगह इस बदलाव में  पर किसी व्यवसाय को संदेश देने से संबंधित परिवर्तन शामिल हैं, जो वैकल्पिक है। ये इस बारे में अधिक पारर्दिशता लाते हैं कि हम किस तरह आंकड़े जमा करते हैं और उपयोग करते हैं।     

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संपर्क सूची साझा की जाती है
ब्लॉग में कहा गया कि व्हाट्सऐप मैसेजिंग को तेज और विश्वसनीय बनाने के लिए एड्रेस बुक से केवल फोन नंबर तक पहुंचा जाता है और फेसबुक के अन्य ऐप के साथ संपर्क सूची साझा नहीं की जाती है। कंपनी ने साथ ही यह भी कहा कि विज्ञापनों के लिए फेसबुक के साथ उपयागकर्ताओं से जुड़े आंकड़े को साझा नहीं किया जाता है। ये बातचीत पूरी तरह से गोपनीय होते हैं और हम उसे नहीं देख सकते। इस बीच, इंटरनेट सुरक्षा शोधकर्ता राजशेखर राजाहरिया की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कम से कम 1,700 निजी व्हाट्सऐप ग्रुप के ङ्क्षलक एक ‘वेब सर्च’ के माध्यम से गूगल पर दिखाई दे रहे थे।       

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40 करोड़ उपयोगकर्ता है
व्हाट्सऐप ने कहा कि उपयोगकर्ता अतिरिक्त गोपनीयता के लिये अपने संदेशों को चैट से हटाने का विकल्प चुन सकते हैं। जे सागर भागीदार एस सिंह ने कहा कि व्हाट्सऐप के भारत में 40 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। इसमें नीति में बदलाव की वजह से सेवा बंद कर करने वालों का हिस्सा बहुत कम रह सकता हैं। उन्होंने कहा कि सभी मैसेजिंग ऐप उन्हीं ग्राहकों को हासिल करने के लिये वापस में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जो इस तरह के ऐप का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए कोई गोपनीयता और सुरक्षा से कोई समझौता शायद ही करेगा ... इसके अलावा, जब तक कि भारत यूरोपीय संघ की तरह आंकड़ा संरक्षण कानून नहीं लाता, तब तक देश से आंकड़ों के बाहर जाने पर रोक प्रभावी रूप से लागू नहीं होगा।     

इस बीच, करीब 9,000 लोगों के बीच किये गये लोकल र्सिकल सर्वे में 26 प्रतिशत ने कहा कि वे के उपयोग में कमी लाएंगे और दूसरे मंचों का उपयोग शुरू करेंगे। करीब 15 प्रतिशत से कहा कि वे व्हाट््सऐप का उपयोग पूरी तरह से बंद करेंगे जबकि 10 प्रतिशत से कहा कि वे ई-मेल और एसएमएस का उपयोग अधिक करना शुरू कर रहे हैं।    गौरतलब है कि कंपनी जगजत की प्रमुख हस्तियों में महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा और फोनपे के सीईओ समीर निगम सहित कई कारोबारी दिग्गजों ने कहा है कि वे  से निकल कर दूसरे मंचों पर जा रहे हैं। महिंद्रा ने सिग्नल को चुना है ओर शर्मा ने भी इसकी ही वकालत की है।       

 

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