Friday, Dec 09, 2022
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Workers, officers came out against the KPI policy in the insurance sector

बीमा क्षेत्र में केपीआई नीति के खिलाफ उतरे कर्मी, अधिकारी

  • Updated on 9/29/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सार्वजनिक क्षेत्र की सामान्य बीमा कंपनियों में केपीआई (की परफॉरमेंस इंडिकेटर्स) नीति को एक तरफा तथा असंवैधानिक ढ़ंग से थोपने का आरोप लगाते हुए ओरिएंट इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के कार्यालय के  समक्ष पूरे देश में भोजनावकाश के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। जनरल इंश्योरेंस एम्पलॉइज ऑल इंडिया ऐसोसिएशन ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन में कहा कि इस तरह की नीतियों को थोपने के गंभीर परिणाम सामने आएंगे, ये नीतियां बीमा क्षेत्र को प्रभावित करेंगी। 
       एसोसिएशन अध्यक्ष अमरजीत कौर व जनरल सेके्रट्री त्रिलोक सिंह ने कहा कि परफॉरमेंस व पुनर्गठन के नाम पर कई कार्यालय बंद किए जाने, विलय किरने और कर्मियों की छंटनी के प्रस्ताव हैं। विरोध करने वाले नेताओं ने कहा कि यह सब उन लोगों की सलाह से किया जा रहा है जो कि संस्थानों से संबंद्ध नहीं हैं। इसलिए ऐसी नीतियों से समस्याएं आनी तय हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनरल इंश्योरेंस पब्लिक सेक्टर कंपनियां भ्रम फैला रही हैं और इससे नकारात्मकता का माहौल बन रहा है। कर्मचारी सफलता की कुंजी हैं और यहां कर्मचारियों की अनदेखी सही नहीं है। 
       एसोएिशन के कार्यकारी अध्यक्ष आर. श्रीनिवासमूर्ति और अतिरिक्त जनरल सेके्रट्री ए.कुमार वेलू ने जारी बयान में कहा, बीमा कंपनियों के कर्मचारियों, अधिकारियों ने कहा कि बेल कवर््ड मेथड आधारित प्रदर्शन मूल्याकंन  पर कहा कि इसे पहले से ही विफल प्रणाली समझा गया है और दुनिया में कई कंपनियों ने इसे खारिज कर दिया है। बीमा कर्मियों ने कहा कि जनरल इंश्योरेंस एम्पलॉइज ऑल इंडिया ऐसोसिएशन प्रबंधन  का पूरे मसौदे पर सकारात्मक रवैया नहीं है इसलिए हमारा सुझाव है कि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व एसोसिएशन की अध्यक्ष को इस प्रणाली को लागू न करने सहित कई सुझाव दिए हैं और इन्हें नहीं माना गया तो बीमाकर्मी पूरे देश में आंदोलन शुरू करेंगे। 
 

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