Thursday, Feb 09, 2023
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भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले 6 लोगों को दबोचा

  • Updated on 5/2/2016

ग्रेटर नोएडा (टीम डिजिटल)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एसटीएफ  ने रेलवे भर्ती बोर्ड, केंद्रीय तथा राज्य स्तर की ऑन लाइन भर्ती परीक्षाओं में करोड़ों की हेरफेर कर नौकरी दिलानेवाले गिरोह के सरगना सहित 6 सदस्यों को गुरुकाताल आगरा से गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो गाड़ी, फर्जी दस्तावेज, कंप्यूटरों को हैक करने वाला साफ्टवेयर, एक लाख आठ हजार रुपए, लैप्टॉप तथा विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के 130 प्रवेश पत्र बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह मोटी रकम लेकर प्रश्न पत्र हल कर अभ्यार्थियों की मदद करता है। मूल अभ्यार्थी के स्थान पर फर्जी अभ्यार्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाता है।

यह गिरोह ऑनलाइन कंप्यूटर सिस्टम से मूल अभ्यार्थी के कंप्यूटर को हैक कर बाहर बैठकर लैपटॉप से प्रशन पत्र हल कर अभ्यार्थियों को पास कराकर नौकरी दिलवाता है।

इस गोरख धंधे में कई केंद्र व्यवस्थापक भी शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ  कानूनी कार्यवाई कर जेल भेजने की कार्यवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार ऐसे अभ्यार्थियों की पहचान की जा रही है जिन्होंने इस गिरेाह की मदद से फर्जीवाड़ा कर नौकरी पायी है।

प्राप्त सूचना के अनुसार ग्रेटर नोएडा स्थित पश्चिमी उत्तर प्रदेश एसटीएफ  को सूचना मिली कि बीते शनिवार को होनेवाली ऑन लाइन भर्ती परीक्षा में एक गिरोह बड़े स्तर पर धोखाधड़ी कर गलत ढग़ से अभ्यार्थियों को मदद करनेवाला है।

यह गिरोह आगरा में सक्रिय है। सूचना के आधार पर पुलिस ने आगरा के गुरुकाताल में छापेमारी कर गिरोह के सरगना राहुल गोस्वामी पुत्र वीरेंद्र गोस्वामी निवासी हाथरस तथा उसके 5 साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मोहन सिंह, राजेश कुमार, ज्ञानेन्द्र सिंह, अंकित यादव तथा कौशलेन्द्र सिंह आदि के रूप में हुई।

गिरफ्तार किए गए आरोपी अध्यापक, कॉलेज संचालक तथा कोचिंग संचालक है। सभी आरोपी आगरा, मैनपुरी तथा भरतपुर आदि स्थानों के रहने वाले हैं।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह ने रेलवे भर्ती बोर्ड में नौकरी पाने के लिए जो अभ्यार्थी इस गिरोह की मदद लेते थे उनके कम्प्यूटर पर केंद्र संचालक की मदद से एक विशेष प्रकार का साफ्टवेयर इंस्टाल कर दूर बैठकर गिरोह के सदस्य परीक्षा हल करते थे।

परीक्षा केंद्र संचालक की मर्जी से बायोमैट्रिक हो जाने के बाद मूल अभ्यार्थी के स्थान पर फर्जी अभ्याथिर्यों का प्रवेश कराकर भी प्रश्न पत्र हल कराए जाते थे।

गिरोह 6 से 7 लाख रुपए प्रति अभ्यार्थी लेकर फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने में मदद करता था। गिरोह अभी तक करोड़ो रुपए का हेरफेर कर चुका है। 

ग्रेटर नोएडा में एसटीएफ  के हाथों से बच निकला था राहुल एसटीएफ  ने बताया कि बीते साल 4 अक्टूबर को पुलिस ने भर्ती परीक्षा के दौरान ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र में इस गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने फर्जी अभ्यार्थियों को परीक्षा देते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इनके पास से लाखों की नकदी, मूल अभ्यार्थी की अंगूठानिशानी तथा स्लीकॉन क्लोन सहित फर्जी प्रमाण पत्र एवं मूल दस्तावेज बरामद किए थे। लेकिन गिरोह का सरगना राहुल गोस्वामी बचकर निकलने में सफल हो गया था।

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