Friday, Jul 01, 2022
-->
Crisis on Shiromani Akali Dal in Delhi, party office also occupied

दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल पर संकट, पार्टी कार्यालय पर भी कब्जा,हित ने संभाला मोर्चा

  • Updated on 3/19/2022

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो : शिरोमणी अकाली दल (बादल) ने दिल्ली ईकाई में दो फाड़ होने के बाद पार्टी को बचाने के लिए शनिवार को अपने पुराने नेता अवतार सिंह हित को मैदान में उतार दिया। हित ने दिल्ली रणनीतिक प्लेटफार्म बनाते हुए 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। साथ ही पार्टी फिर से खड़ी करने का ऐलान किया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता अवतार सिंह हित ने साफ किया कि शिरोमणी अकाली दल शहीदों की जत्थेबंदी है, जिसका गठन अनेक शहादतों के बाद हुआ है। वह कभी मर नहीं सकती, उसका खात्मा करने वालों का स्वयं का खात्मा हो जायेगा। 21 सदस्यी कमेटी में अवतार सिंह हित, भुपिन्दर सिंह आनंद, रविन्दर सिंह खुराना, प्रितपाल सिंह कपूर, सुखदेव सिंह रयात, गुरदेव सिंह भोला, एम जी एस बिन्दरा, तेजपाल सिंह, अमरजीत सिंह संधु, अमरीत सिंह खानपुरी, सुरजीत सिंह विलखू, सुदीप सिंह, अवनीत सिंह रायसन, तरलोक सिंह नागरा, राजपाल सिंह पम्मी, सतपाल सिंह, जगमोहन सिंह विर्क, मनदीप सिंह भामरा, परमजीत सिंह मान, भुपिन्दर सिंह मानक, जगदेव सिंह राणा शामिल हैं। 
 पत्रकारों से बातचीत करते हुए अवतार सिंह हित ने कहा कि गुरुद्वारा श्री रकाबगंज साहिब में स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर पंथदोखियों ने जबरन कब्जा कर लिया है। हालांकि कानूनी तौर पर कार्यालय शिरोमणी अकाली दल को एलाट है। बाकायदा अदालत में एग्रीमेंट हुआ है जिसमें कार्यालय जत्थेदार अवतार सिंह हित के नाम पर है, इसलिए उस पर किसी और दल का कब्जा नहीं हो सकता। जत्थेदार हित ने साफ कहा कि आज नहीं  तो कल जिन लोगों ने पार्टी आफिस पर कब्जा किया है उन्हें वह खाली करना ही होगा।
    उन्होंने कहा कि पार्टी में उतार चढ़ाव आते रहते हैं पर वह हमेशा पार्टी के वफादार सिपाही के रुप में पार्टी के साथ खड़े थे, खड़े हैं और आगे भी रहेंगे। हित के मुताबिक एक बार पहले भी ऐसा समय आया था जब सभी लोग पार्टी का साथ छोड़ गये थे पर दिल्ली में अकेले जत्थेदार हित उस दौरान भी प्रकाश सिंह बादल के साथ डटकर खड़े हुए थे और पार्टी को पुन: खड़ा किया और इस मुकाम तक पहुंचाया। हित ने आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी से गददारी करके अपने निजी स्वार्थों के लिए पार्टी को खत्म करने पर अमादा हैं वह अच्छे से समझ लें, शिरोमणी अकाली दल शहीदों की जत्थेबंदी हमेशा कायम रहेगी। पार्टी से  गद्दारी करने वाले पंथ दोखी जितनी मर्जी पार्टियां बना लेें संगत उन्हें मुंह नहीं लगाएगी। इस मौके पर सुखदेव सिंह रयात, प्रितपाल सिंह कपूर, तेजपाल सिंह, अमरीत सिंह खानपुरी, अमरजीत सिंह संधू, अवनीत सिंह रायसन आदि मौजूद रहे।
  

comments

.
.
.
.
.