Thursday, Feb 09, 2023
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Politics deepened by CBI raid, BJP targets Delhi government and AAP

सीबीआई छापे से गहराई राजनीति, भाजपा ने दिल्ली सरकार और आप पर साधा निशाना

  • Updated on 8/19/2022

नई दिल्ली / टीम डिजिटल। नई आबकारी नीति को लेकर सीबीआई छापे के बाद शुक्रवार को भाजपा अपने बयानों के जरिये आप सरकार के विरुद्ध पूरी तरह से उग्र नजर आई। अलग-अलग प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता, पूर्व मंत्री डा.हर्षवर्धन, सांसद मनोज तिवारी, प्रवेश वर्मा और प्रदेश महिला मोर्चा उपाध्यक्ष प्रियल भारद्वाज सहित भाजपा नेताओं ने जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस्तीफे की मांग भी कर डाली। सरकार और आप नेताओं की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया। 

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आदेश गुप्ता ने कहा कि अब तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सिसोदिया और सत्येंद्र जैन का इस्तीफा ले लेना चाहिए। उन्होंने पूर्व मंत्री डा.हर्षवर्धन के साथ प्रेस वार्ता में कहा कि आज उन सभी महिलाओं की जीत हुई है जिन्होंने नई आबकारी नीति का विरोध किया है। आदेश ने कहा कि नई आबकारी नीति लाते समय मनीष सिसोदिया ने दावा किया था कि इससे दिल्ली सरकार का राजस्व बढ़ेगा लेकिन सी.बी.आई. को नीति की जांच सौंपने के साथ ही वे इस नीति को घाटे वाली बताने लगे। उन्होंने कहा कि सी.बी.आई. का छापा आबकारी नीति की जांच के लिए है और आप सरकार और उसके कोई भी नेता इस पर बात न कर शिक्षा और स्वास्थ्य की बात कर रहे हैं।

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हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली सरकार की असलियत जल्द ही सभी के सामने होगी। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार से नैतिकता की उम्मीद रखना ही गलत है। प्रवेश वर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि नई आबकारी नीति एक बड़े होटल में बैठकर बनाते थे। उन्होंने दावा किया कि सी.बी.आई. के पास इस बात के पर्याप्त सबूत हंै कि कैसे केजरीवाल सरकार ने शराब माफियाओं के साथ मिलकर आबकारी नीति बनाई और गड़बड़ी हुई। वर्मा ने सिसोदिया पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में लाइसेंसधारियों से नकदी एकत्रित करने वाले दो बिचौलिये एलजी द्वारा सीबीआई जांच की मंजूरी के बाद ही विदेश भाग गए हैं। 

दिल्ली सरकार युवाओं को शराब की लत में झोंक रही 

प्रियल भारद्वाज ने कहा कि एक तरफ दिल्ली सरकार अ'छी शिक्षा नीति की बात करती है तो दूसरी तरफ दिल्ली के किशोर व युवाओं को शराब की लत में झोंक रही है।

सांच को आंच नहीं आती  

सांसद मनोज तिवारी ने आशंका व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि नई आबकारी नीति कहीं काली कमाई को सफेद करने का मामला तो नहीं है। उन्होंने कहा कि सी.बी.आई. को इस मामले को भी ध्यान में रखते हुए जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति को भाजपा के जन आंदोलन के दबाव में वापस लिया है। अगर शराब नीति ठीक थी तो फिर उन्हें तो हर जांच का स्वागत करना चाहिए क्योंकि सांच को आंच नहीं आती। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश ना करें।

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