Sunday, Aug 14, 2022
-->
teachers-hit-hard-to-distribute-mid-day-meal-kits-department-issues-notice

मिड डे मील किट बांटना शिक्षकों को पडा भारी, विभाग ने थमाया नोटिस

  • Updated on 8/30/2021

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। मिड डे मील किट नाॅर्थ एमसीडी के स्कूलों के हेडमास्टरों के लिए जी का जंजाल बन गई है। हेडमास्टरों ने ही विभाग को सूचित किया कि उनके स्कूलों में किट का वजन तौलने पर कम आ रहा है, जिससे वो तौल में कम आने वाली किट को नहीं बांट रहे। नाॅर्थ एमसीडी ने हेडमास्टरों द्वारा किट का वजन कम आने की रिपोर्ट भेजने के बाद उल्टा उन्हीं को कारण बताओ नोटिस भेज दिया है। यही नहीं यदि उसका जवाब हेडमास्टर नहीं देेंगे तो उन पर कार्रवाई की बात भी इसमें कही गई है।

सर्वर ना चलने से राशनकार्डधारी हुए परेशान, कोटाधारकों पर उतारा गुस्सा

शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए बांटी गई छात्रों को किट
प्राप्त जानकारी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए नार्थ एमसीडी के तकरीबन 714 स्कूलों में लगभग ढाई लाख छात्रों को बांटने के लिए मिड डे मील किट भेजी गई थी। इसमें चने की दाल करीब 7222.90 किलो व तेल 2 पैकेट यानि 1820 ग्राम था। हालांकि चावल व गेंहू मिड डे मील में छात्रों को वितरित किया जाना था जो अभी तक उन्हें नहीं दिया गया है। जबकि शैक्षणिक सत्र 2021-22 भी आधे से अधिक बीत चुका है। बता दें कि 13 जुलाई 2021 को विभाग ने निगम स्कूलों के हेडमास्टर्स को किट रिसिविंग के लिए आदेश जारी किया था। रिसिव करने के बाद स्कूलों से 5 अगस्त से किट बांटना शुरू कर दिया गया। जब हेडमास्टरों ने तौल कर किट दी तो कई किट तौल में कम पाईं गईं। इसकी जानकारी उन्होंने नार्थ एमसीडी के शिक्षा विभाग को दी। जिसके बाद एमसीडी ने 13 अगस्त को किट वितरण बंद करने का आदेश दिया। हालांकि तब तक काफी किट बांटी जा चुकी थीं। 

देर से सही आखिर आए एनडीएमसी में सभी सदस्य, हाईकोर्ट ने किया था ताकीद

निदेशक ने भेजा था हेडमास्टर्स को प्रोफार्मा
वहीं 19 अगस्त को एक आदेश सहायक निदेशक शिक्षा विभाग (अल्पाहार) की ओर से जारी किया जाता है जिसमें राशन किटों का वजन कम पाए जाने पर हेडमास्टर्स को प्रोफार्मा भरकर देने के लिए कहा जाता है। इनमें सिविल लाईंस के स्कूल में 3, शहरी-सदर पहाडगंज के स्कूल में 2, करोल बाग में 9, केशवपुरम में 5, नरेला में 31 व रोहिणी के स्कूल में 40 किट वजन में कम पाए जाने की बात भी कही गई है। जिसके बाद 27 अगस्त को हेडमास्टर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाता है। 

दिल्ली: NDMC एरिया में गार्ड नहीं होने से चोरी हुए फव्वारे के नोजल

सरसों तेल की जगह भेजा पाॅमोलिव आयल
यही नहीं सरसों के तेल की जगह किट में बांटने के लिए पाॅमोलिव आयल व वनस्पति तेल भेजा गया था। जब इसकी जानकारी शिक्षकों द्वारा विभाग को दी जाती है तो 12 अगस्त को इसे नहीं बांटने का आर्डर किया जाता है। शिक्षकों का कहना है कि सारा सामान पैकिंग में आया था। अंदर क्या है और क्या नहीं है ये उन्हें कैसे पता चलेगा। उन्हें विभाग द्वारा बांटने का आदेश मिला तो उन्होंने आदेशानुसार कार्य किया।

राशन दुकान जाने में सक्षम नहीं हैं तो भरें फॉर्म, मदद करेगा विभाग

बिना सैलरी काम कर रहे हैं शिक्षक, फिर भी विभाग देता है नोटिस
शिक्षक न्याय मंच नगर निगम के अध्यक्ष कुलदीप सिंह खत्री ने कहा कि नाॅर्थ एमसीडी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को मिड डे मील छात्रों को बांटने के एवज में विभाग से नोटिस दिया गया है। जबकि सही सूचना भी हेडमास्टरों के द्वारा ही विभाग को मिली थी। उच्च स्तर पर हुई गलती का ठीकरा हेडमास्टरों पर शिक्षा विभाग के निदेशक द्वारा फोडा जा रहा है, वो अपना व अपने अधिकारियों का बचाव करने में लगे हैं। जबकि शिक्षक बिना 2 माह की सैलरी मिले भी काम कर रहे हैं। एयरपोर्ट से लेकर वैक्सीन सेंटर, क्वारंटाइन सेंटर व डिस्पेंसरी तक में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। अपने निजी फोन, इंटरनेट खर्च से छात्रों को आनलाइन पढाई करवा रहे हैं बावजूद इसके विभाग नोटिस भेज रहा है। यदि नोटिस वापस नहीं लिया गया तो हम धरना-प्रदर्शन व हडताल का विकल्प अपनाएंगे।

क्या इस साल नहीं चख पाएंगें भारत के लोग अफगानी फ्रूट्स ?

क्या कहते हैं डायरेक्टर
इस बारे में पूछे जाने पर डायरेक्टर सतेंद्र सिंह ने कहा कि नोटिस जारी करना हमारा रूटीन वर्क है, विभाग में कारण बताओ नोटिस तो जारी होते रहते हैं। ऐसा कोई सीरियस मामला ये नहीं है।
 

comments

.
.
.
.
.