Sunday, Jul 03, 2022
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union housing secretary reviews the construction of delhi-meerut high speed ??rail corridor

केंद्रीय आवासीय सचिव ने दिल्ली-मेरठ हाई स्पीड रेल कॉरिडोर निर्माण का जायजा लिया

  • Updated on 4/3/2022

नई दिल्ली /नेशनल ब्यूरो। दिल्ली-मेरठ के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर(आरआरटीएस)पर सराय काले खां से लेकर दुहाई के बीच हो रहे निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामला मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी ने निरीक्षण किया। सराय काले खां पर एनसीआरटीसी प्रबंध निदेशक विनय कुमार सिंह व अन्य अधिकारियों को उन्होंने काम में तेजी लाने के लिए कहा।जबकि दुहाई, गाजियाबाद, आनंद विहार में भी उन्होंने जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में अपनाई जा रही टीबीएम, प्री-कास्ट, कंप्यूटर पर आधारित तकनीक आदि के बारे में भी जानकारी हासिल की।

एनसीआरटीसी एमडी व अन्य भी रहे शामिल  

मौजूदा निर्माण प्रक्रिया पर संतुष्ट भी दिखे। गाजियाबाद में बनाए जा रहे विद्युत आपूर्ति प्रणाली की जानकारी भी ली।  आरआरटीएस स्टेशन पर यातायात एकीकरण योजना और यात्रियों के  मूवमेंट का अवलोकन किया। जहां आरआरटीएस के पहले चरण के सभी तीन आरआरटीएस कॉरिडोर एक साथ आ रहे हैं और आपस में एक-दूसरे से जुड़े होंगे, ताकि कोई भी यात्री इनमें से होकर कहीं भी अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए सुविधानुसार वाहन पर सवार हो सके। 

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सराय काले खां पर निर्माण कार्य के निरीक्षण के साथ-साथ उन्होंने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के के लिए डायवर्जन आदि पर भी गौर किया। हिदायत दी ताकि  अन्य लोगों को निर्माण के कारण जाम व अन्य दिक्कतों का कम से कम परेशानी हो। उनके निरीक्षण की शुरुआत सराय काले खां आरआरटीएस स्टेशन से हुई, जिसे सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों के साथ एकीकृत करते हुए एक बड़े परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। 
आरआरटीएस स्टेशनों को वॉकवे, लिफ्ट, एस्केलेटर और अंडरपास आदि के माध्यम से परिवहन के अन्य साधनों जैसे मेट्रो स्टेशनों, बस टर्मिनलों और रेलवे स्टेशनों, के साथ समेकित रूप से एकीकृत किया जाएगा। 

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जोशी ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर यमुना नदी पर आरआरटीएस पुल के लिए हो रहे निर्माण कार्य और आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन साइट का भी अवलोकन किया। सचिव ने निर्माण में जुटे इंजीनियरों से भी बातचीत कर लगभग 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद मेरठ कॉरिडोर के कार्यांवयन में आ रही चुनौतियों को भी समझा। जिसे दूर करने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाने के निर्देश भी उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को दिये। उन्होंने परियोजना की गति समयसीमा के अनुसार होने पर संतोष भी व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि निश्चित रूप से तय समय पर भारत के पहले आरआरटीएस कॉरिडोर को चालू करने और एनसीआर के सार्वजनिक परिवहन परिदृश्य को बदलने के लिए यह पूरी तरह तैयार है। 

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