Tuesday, Sep 25, 2018

पंजाब सरकार संविधान का 85वां संशोधन करेगी लागू : अमरेन्द्र

  • Updated on 4/15/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब सरकार संविधान का 85वां संशोधन लागू करेगी ताकि दलित समुदाय को इसका समूचा लाभ मिल सके। उक्त शब्द पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने डा. भीमराव अंबेदकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान कहे। कै. अमरेन्द्र ने डा. अंबेदकर द्वारा दलित उत्थान के कार्यों का उल्लेख करते हुए होशियारपुर के गांव खुड़ालगढ़ में रविदास मैमोरियल के लिए 20 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। इसके अलावा बूटा मंडी जालंधर में डा. अंबेदकर के नाम पर डिग्री कालेज बनाने, अंबेदकर भवन लुधियाना के लिए 6 करोड़ रुपए व गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी चेयर को पुन: स्थापित करने की घोषणा की। 

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इस दौरान मुख्यमंत्री ने एस.सी./बी.सी. वर्ग के लोगों के 5000 रुपयों तक के कर्जों की माफी योजना की शुरूआत करते हुए 15 लाभपार्थियों को सर्टीफिकेट भी बांटे। कै. अमरेन्द्र ने कहा कि 2005 में उनकी सरकार ने संविधान के 85वें संशोधन का प्रस्ताव विधानसभा में पास कर दिया था परंतु उसके बाद बनी बादल सरकार ने इस संशोधन को लागू करने की बजाय कोल्ड स्टोरेज में डाल दिया जिस कारण यह मामला माननीय हाईकोर्ट तक पहुंच गया। कै. अमरेन्द्र ने कहा कि हाईकोर्ट ने इस केस में पंजाब सरकार से अन्य खोज व जानकारियां देने को कहा है ताकि संशोधन के मामले का फैसला हो सके। उन्होंने कहा कि वह अगले 2-3 दिनों में उच्च स्तरीय बैठक करके इस पर काम शुरू करेंगे। केंद्र की मोदी सरकार व भाजपा पर निशाना साधते हुए कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि केंद्र सरकार एस.सी./एस.टी. एक्ट को कमजोर करने पर तुली हुई है। 

उन्होंने कहा कि उड़ीसा, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में दलितों के हालात आज भी बेहद दयनीय हैं, वहां के लोगों को 2 टाइम की रोटी नसीब नहीं होती और लोग जंगली घास-बूटी खाकर गुजारा करने को मजबूर हैं। कै. अमरेन्द्र ने कहा कि ऑल इंडिया कांग्रेस भाजपा के इन मंसूबों को नाकामयाब करने में लगी हुई है। उन्होंने सांसद व प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ व सांसद संतोख चौधरी को कहा कि वह लोकसभा में कांग्रेस के इस संघर्ष को आगे लेकर जाएं। कैप्टन ने कहा कि दलित लोगों को घरों में घुसने नहीं दिया जाता था तब डा. अम्बेदकर का जन्म हुआ। डा. अंबेदकर के तजुर्बे व शिक्षा को देखते हुए पं. जवाहर लाल नेहरू ने डा. अंबेदकर को संविधान की रचना का दायित्व सौंपा। आज उसी संविधान की बदौलत दलितों को समानता का अधिकार हासिल हो सका है। 


सुनील जाखड़ ने कहा कि डा. अंबेदकर ने कहा था कि दलित समाज शिक्षित होगा तभी तरक्की कर पाएगा। जाखड़ ने कहा कि केंद्र ने बजट में पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप के लिए केवल 3000 करोड़ रुपया रखा है जबकि 2015 से 2018 तक का स्कालरशिप का 1700 करोड़ रुपया केंद्र रिलीज नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में तमिलनाडू व देश के अन्य हिस्सों में डा. अंबेदकर की मूॢतयां तोड़ी जा रही हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह महात्मा फूले के बुत पर फूल चढ़ा रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि  सोची-समझी साजिश के तहत एस.सी./एस.टी. एक्ट से छेड़छाड़ करके देश में आपसी भाईचारे के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न किया जा रहा है ताकि देश में जातिवाद का जहर फैल सके। 


 कार्यक्रम को कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, अरुणा चौधरी, चरणजीत सिंह चन्नी, डा. राजकुमार वेरका, सांसद संतोख चौधरी ने भी संबोधित किया। इस मौके विधायक सुशील रिंकू, विधायक राजेन्द्र बेरी, विधायक जूनियर हैनरी, विधायक परगट सिंह, विधायक सुरेन्द्र चौधरी, विधायक डा. राजकुमार चब्बेवाल, विधायक सुखजिन्द्र डैनी, विधायक राणा गुरजीत सिंह, अवतार हैनरी, मोहिन्द्र सिंह के.पी., अमरजीत सिंह समरा, संतोष चौधरी, संतोख सिंह भलाईपुर, सरवण सिंह फिल्लौर, जोगिन्द्र मान, कै. हरमिन्द्र सिंह, दलजीत आहलूवालिया, जगबीर बराड़, राणा रंधावा, काकू आहलूवालिया, डिप्टी मेयर सिमरनजीत सिंह बंटी, सोनू ढेसी, अश्वन भल्ला व अन्य भी मौजूद थे। 

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