Wednesday, Nov 13, 2019
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नहीं सुलझा महाराष्ट्र का विवाद, राज्यपाल कर सकते हैं इन विकल्पों पर विचार

  • Updated on 11/8/2019

नई दिल्ली/ सोहित शर्मा। महाराष्ट्र (Maharashtra) में चुनाव के परिणाम आने के बाद लगभग दो हफ्ते तक सरकार गठन की कवायद के बाद थकहार कर देवेंद्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इस असमंजस की स्थिति में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है, कि अगर बीजेपी और शिवसेना के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर राज्यपाल (Governor) के पास क्या विकल्प हो सकते हैं?

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इस पूरे मतभेद में सबसे बड़ी चुनौती महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी (B.S Koshyari) के सामने है। बता दें कि जब कोई पार्टी अपना दावा पेश नहीं कर पाती है तब फिर राज्यपाल का निर्णय ही मान्य होता है। इस दौरान राज्यपाल के पास चार विकल्प होते हैं। आइए जानते हैं इन चार विकल्पों के बारे में...

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1. राज्यपाल स्वत: विचार कर पार्टी के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के सामने बतौर कार्यवाहक सीएम कार्य करने के लिए कह सकते हैं, लेकिन वे इस पद पर नए सीएम नहीं चुने जाने तक ही रह सकते हैं। 

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2. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी है। जिसने 288 सीटों में से 105 सीटें हासिल की हैं। इस लिहाज से गवर्नर कोश्यारी अपने एक विकल्प के तौर पर बड़ी पार्टी (बीजेपी) के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त कर उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कह सकते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है, कि ये राज्यपाल के विवेक पर निर्भर करता है, कि वे किसे सदन में बहुमत साबित करने के लिए कहेंगे। 

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3. राज्यपाल असेंबली से फ्लोर पर सीएम का चुनाव करने के लिए भी कह सकते हैं। इस तरह से भी अगर विवाद की स्थिति खत्म नहीं होती तब बैलट पेपर्स का प्रयोग कर निर्णय लिया जा सकता है।  

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4.बता दें कि अगर राज्यपाल द्वारा किए गए ये तीनों प्रयास सफल नहीं होते हैं तब वे राज्य में प्रभावित होती कल्याणकारी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए आखिरी विकल्प के रूप में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर सकते हैं।

 

 

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