Thursday, Oct 29, 2020

Live Updates: Unlock 5- Day 28

Last Updated: Wed Oct 28 2020 03:36 PM

corona virus

Total Cases

7,990,643

Recovered

7,257,444

Deaths

120,067

  • INDIA7,990,643
  • MAHARASTRA1,654,028
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA809,638
  • TAMIL NADU714,235
  • UTTAR PRADESH474,054
  • KERALA402,675
  • NEW DELHI364,341
  • WEST BENGAL357,779
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA285,482
  • TELANGANA232,671
  • BIHAR213,383
  • ASSAM204,789
  • RAJASTHAN189,844
  • CHHATTISGARH179,654
  • GUJARAT169,073
  • MADHYA PRADESH168,483
  • HARYANA160,705
  • PUNJAB131,737
  • JHARKHAND100,224
  • JAMMU & KASHMIR92,677
  • CHANDIGARH70,777
  • UTTARAKHAND60,957
  • GOA42,747
  • PUDUCHERRY34,482
  • TRIPURA30,290
  • HIMACHAL PRADESH20,817
  • MANIPUR17,604
  • MEGHALAYA8,677
  • NAGALAND8,296
  • LADAKH5,840
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,274
  • SIKKIM3,863
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,227
  • MIZORAM2,359
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
why muslim community celebrated bakra eid

आखिर क्यों मनाई जाती है बकरा ईद और क्या है इसके पीछे कुर्बानी का कारण

  • Updated on 8/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।12 अगस्त 2019 यानी की आज ही के दिन मुस्लिम धर्म में बकरा ईद (Bakra Eid) मनाया जाता है। इसे ईद उल ज़ुहा या ईद अल अज़हा (Eid ul zuha or eid al azha) का त्यौहार भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस त्यौहार को ईद उल फीतर के करीब 2 महीने और 10 दिन बाद मुस्लिम धर्म में बकरा ईद का पर्व मनाया जाता है।

अगर आपको भी दिखते हैं ऐसे सपने तो ये हो सकते हैं इनके संकेत

बता दें कि, बकरा ईद के दिन सभी मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के लोग अपने घर में पल रहे बकरे की बली देते हैं और जिनके घर में बकरा नहीं होता है वो ईद से कुछ दिन पहले बकरा खरीद कर लाते हैं और उनकी बली दी जाती है। बली देने के बाद इसका मीट बनाया जाता है जिसे गरीबों (Poor People), रिश्तेदारों (Relatives) और दोस्तों (Friend) में बांटा जाता है।

रक्षाबंधन 2019: जानें क्या होगा रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त और इससे जुड़ी खास बातें

आखिर क्यों मनाया जाता है बकरा ईद

बता दें कि, ईद का यह त्यौहार मुसलमानों के पैग़म्बर और हज़रत मोहम्मद के पूर्वज हज़रत इब्राहिम की दी गई कुर्बानी को याद के तौर पर मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जब हज़रत इब्राहिम अल्लाह की भक्ति कर रहे थे तो उनकी भक्ति से खुश होकर उनकी दुआ को कबूल किया था जिसके बाद अल्लाह ने उनकी परीक्षा ली। इस परीक्षा में अल्लाह ने इब्राहिम से उनकी सबसे कीमती और प्यारी चीज की बली देने की मांग की।

बकरा ईद से लेकर कृष्ण जन्माष्टमी तक पड़ेंगे ये सभी त्यौहार, यहां देंखे List

जब अपने बेटे की बली दे रहे थे हज़रत इब्राहिम

हज़रत इब्राहिम ने अल्लाह की बात मान कर अपनी सबसे प्यारी चीज यानी की अपने बेटे इस्माइल की कुर्बानी देने का निर्णय कर लिया। इसके बाद जब हज़रत इब्राहिम अपने बेटे की बली देने जा रहे थे इतने में ही अल्लाह ने उनके बेटे की जगह एक बकरे को रख दिया जिसके बाद जो परीक्षा अल्लाह इब्राहिम की ले रहे थे वो सफल हो गया और इस दिन को बकरा ईद के रुप में मनाया जाने लगा।

सावन में देखना है शिव भक्तों की धूम तो इन जगहों का करें रुख, दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु

कैसे मनाई जाती है बकरा ईद 

इस दिन सभी मुस्लमान सुबह उठकर नमाज पढ़ने जाते हैं। इसके बाद अपने घर पर पल रहे बकरे की बली देते हैं और जिन लोगों के पास बकरा नहीं होता है वो खरीद कर बकरे को लेकर आते हैं और उनकी बली देते हैं। बकरे की बली देने के बाद उसका मीट बनाया जाता है जिसके बाद सबसे पहले उसे गरीबों में दान किया जाता है इसके बाद दोस्तों और रिश्तेदारों को ईद मुबारक कहकर मीट दिया जाता है। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.