गंभीर के ये रिकार्ड याद दिलाएंगे भारतीय टीम में उनकी भूमिका, विश्वकप जीत में था अहम योगदान

  • Updated on 12/5/2018

नई दिल्ली/ अमरदीप शर्मा। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने मंगलवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेटों से सन्यास की घोषणा कर दी है। गौतम गंभीर की बल्लेबाजी करने की शैली को पूरी दुनिया भलि-भांति जानती है। गंभीर ने भारतीय क्रिकेट के लिए एक अनोखी मिशाल कायम की है। इसके अलावा आईपीएल में भी उनका प्रदर्शन सराहनीय है।

साल 2007 में पहली बार टी-20 विश्वकप जीतने वाली टीम में गौतम गंभीर का महत्वपूर्ण योगदान रहा था। इसके बाद जब साल 2011 में लंबे अरसे के इंतजार के बाद भारतीय टीम विश्वविजेता बनी तो उस मैच की जीत के लिए गभीर को जरुर याद किया जाएगा। श्रीलंका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का विजयी छक्का सबको याद होगा, जिसने भारत को विश्वकप का खिताब दिलाया था। 

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इसके साथ ही खास बात ये है कि उस जीत की नींव तो गौतम गंभीर ने ही रखी थी। शुरुआत में ही वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के विकेट खो जाने के बाद भारतीय टीम मैच को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही थी। इसी दौरान गौतम ने बड़ी ही गंभीरता के साथ खेलता हुए विराट के सहयोग से टीम को संभाला। हालांकि विराट बीच में ही आउट होकर पवैलियन लौट गए। इसके बाद एक बार फिर गंभीर के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी आ गई।

विराट के आउट होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी करने आए। दोनों ही बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी करके टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। गंभीर शतक के करीब 97 रनों पर बल्लेबाजी कर ही रहे थे कि इतनें में गभीर बड़ा शॉट खेलते के चक्कर में बोल्ड हो गए। गंभीर शतक से तो चूक गए लेकिन जब तक वे भारत की जीत के लिए पटकथा लिख चुके थे। जिसके बाद आसानी से धोनी और युवराज सिंह ने टीम को जीत दिलाकर विश्वक्रिकेट में इतिहास रच दिया। इस जीत का श्रेय सीधे तौर पर गंभीर को ही जाता है। 

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सहवाग के साथ ओपनिंग साझेदारी...

वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की जोड़ी को बल्लेबाजी करते हुए आखिर किसने नहीं देखा होगा। ये दोनों ही दिग्गज बल्लेबाज जब भारत के लिए खेलने उतरते थे तो मैदान पर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सीटियों की आवाज से स्टेडियम गूंजने लगता था। धैर्य और आक्रमकता का ये अद्भुत संगम अब शायद क्रिकेट प्रेमियों के दिल की धड़कनें तेज करने के लिए मशहूर था। हालांकि अब ये जोड़ी अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास ले चुकी है। इन दोनों ने सलामी जोड़ी के रूप में 4412 रन जोड़े जो कि भारतीय रिकार्ड है। 

गंभीर का करियर 

गौतम गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 41.96 की औसत से 4154 रन बनाये जिसमें नौ शतकीय पारी शामिल है। उन्होंने 147 एकदिवसीय मैचों में 39.68 की औसत और 11 शतकीय पारियों की मदद से 5238 रन बनाये। गंभीर से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 37 मैच में सात अर्धशतक की मदद से 932 रन बनाये जिसमें उनका औसत 27.41 का था। क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 10,000 से अधिक रन बनाने वाले इस 37 वर्षीय बल्लेबाज ने अब क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। 

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आईपीएल का सफर...

 गौतम गंभीर ने आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलने के साथ शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता नाईट राइडर्स के साथ भी लंबे समय तक क्रिकेट खेला और अपनी कप्तानी में टीम को चैपियन भी बनवाय। गंभीर ने 154 मैचों में 31 की औसत से 4217 रन बनाए। उनका सर्वधिक स्कोर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ सर्वधिक 93 रन बनाए। गंभीर ने अपने करियर में 492 छक्के और 59 चौके लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 123.88 का है।
 

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