Sunday, Mar 29, 2020
25 leaders including cabinet minister harak singh rawat hope for relief from court

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत सहित 25 नेताओं को कोर्ट से राहत आस

  • Updated on 10/3/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, दिनेश अग्रवाल, पूर्व पीसीसी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, संग्राम सिंह पुण्डीर समेत 25 नेताओं के खिलाफ चल रहे वाद मामले में संग्राम सिंह पुण्डीर को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ शंकर राज की अदालत ने पूर्व के सीजेएम कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए सरकार की अपील को सही ठहराया है।

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इसके बाद अगामी 16 अक्तूबर को वाद वापस होने की उम्मीद जाग गई है। संग्राम सिंह पुण्डीर का दावा है कि सीजेएम कोर्ट में उनके अलावा अन्य नेताओं पर दर्ज वाद वापस हो सकता है। इस मामले में पहले सरकार ने वाद वापस लेने का दो बार कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।

जिसको सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। संग्राम सिंह पुण्डीर ने सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जिला कोर्ट में अपील दाखिल की थी। इसके बाद मामला एडीजे चतुर्थके पास ट्रांसफर कर दिया गया था।

ये था मामला

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, दिनेश अग्रवाल, और सुबोध उनियाल, संग्राम सिंह पूणडीर सहित 25 नेताओं ने कांग्रेस में रहते हुए 20 दिसम्बर 2009 को सत्र के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ विधानसभा कूच किया था। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई, जमकर हंगामा और बवाल हुआ था। इसके बाद नेहरू कॉलोनी थाने में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष हरक सिंह रावत सहित 25 नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। 31 अक्तूबर 2013 को सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

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साल 2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मुकदमा वापस लेने का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। सीजेएम कोर्ट ने सरकार का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। इसके बाद जुलाई 2018 में भी जनहित का मुद्दा बताते हुए त्रिवेंद्र सरकार ने केस वापस करने के लिए सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।

इसे दोबारा खारिज कर दिया गया। कोर्ट कार्यवाही के दौरान कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, दिनेश अग्रवाल सहित 20 नेताओं के खिलाफ चार्ज फ्रेम हो गए थे। कोर्ट में पेश न होने से हरक सिंह रावत सहित पांच नेताओं की पत्रावली अलग कर दी गई थी। इस दौरान गैर जमान्ती वारंट भी सीजेएम कोर्ट से जारी हुए।

अन्य नेताओं को मिल सकती है राहत

संग्राम सिंह पुण्डीर के मुताबिक अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ शंकर राज की अदालत ने सरकार की मुकदमा वापस लेने की अपील को जनहित में बताया और सीजेएम कोर्ट को इस पर अब उचित आदेश पारित करने के लिए कहा है। निगरानीकर्ता संग्राम सिंह पुण्डीर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता नितिन वशिष्ठ ने दावा किया कि सीजेएम कोर्ट में केस की सुनवाई 16 अक्तूबर निर्धारित की है। 16 अक्टूबर को वाद वापस होने के आदेश हो सकते है।

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एडीजे चतुर्थ के आदेश के बाद मनाई खुशी

संग्राम सिंह पुंडीर का कहना है कि हमारे जनहित में सरकार को जगाने के लिए मार्च निकाला जा रहा था जो कि पूर्ण शांतिपूर्ण था। जो मुकदमा दर्ज हुआ था, वह विधि विरुद्ध था। जनप्रतिनिधि की आवाज को झूठे मुकदमों से दबाया जाएगा, तो आम जनता की बात सरकार तक कौन पहुंचाएगा। पुण्डीर ने न्यायालय का आभार व्यक्त किया। देहरादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल और अन्य साथी अधिवक्ताओं ने इस पर खुशी मनाई। 

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