Monday, May 16, 2022
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भ्रष्टाचार के केस में सजा काट चुके पूर्व जज सुरिंदर सिंह एक और केस में दोषी करार

  • Updated on 9/21/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। चंडीगढ़ जिला अदालत के पूर्व जज सुरिंदर सिंह भारद्वाज को सीबीआइ की कस्टडी से भागने के मामले में दोषी करार दिया गया है। इस मामले में उन्हें एक साल की कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वह भ्रष्टाचार के मामले में सजा पा चुके हैं। उनके उपर सात लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। इसी दौरान वह सीबीआई की कस्टडी से भाग गए थे।

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दरअसल साल 2003 में सुरिंदर सिंह भारद्वाज पर 7 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था। जिसके चलते सीबीआई की टीम ने जालंधर के समरा की शिकायत पर 10 मई 2003 को भारद्वाज को ट्रैप लगाकर दबोचा था। सीबीआई ने उन्हें सराकारी आवास से सात लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। जिसके चलते उन्हें 2009 में तीन साल कैद की सजा सुनाई गई थी।  वे देश के पहले जज थे, जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सजा हुई।

आपको बता दें कि समरा और भारद्वाज के बीच पैसे के लेनदेने को लेकर मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी हो चुकी है। जिसके बाद सीबीआई के अधिकारी भारद्वाज के घर तलाशी ले रहे थे इसी दौरान वह सीबीआई के अफसरों को झांसा देकर वहां से फरार हो गए। जिसके बाद कोर्ट ने उनके नाम के वारंट जारी कर दिए थे। तब करीब एक महीने बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

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करीब 15 साल पुराने इस केस में लोअर कोर्ट ने 4 साल पहले भारद्वाज को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन ने सेशंस कोर्ट में अपील फाइल कर दी थी। अब सेशंस कोर्ट ने फैसले को पलटते हुए भारद्वाज को दोषी करार दिया और उन्हें कस्टडी में भी भिजवा दिया। 21 सितंबर को भारद्वाज को सजा सुनाई जाएगी। इसी मामले में आज कोर्ट ने उनके खिलाफ सजा सुनाते हुए एक साल की कैद और 5000 रुपये का जुर्माना भुगतान करने के लिए कहा है। 
 

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