Friday, Nov 16, 2018

पंचायत राज विभाग में वित्तीय अनियमितता, SIT जांच के आदेश, विभागीय समीक्षा में भड़के मंत्री

  • Updated on 7/12/2018

देहरादून/ब्यूरो। 14वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार पंचायती राज विभाग को मिले धन का नियमानुसार व्यय नहीं किया गया। विभागीय समीक्षा बैठक में यह खुलासा होने पर पंचायती राज मंत्री भड़क उठे और विभागीय सचिव समेत तमाम अफसरों को खरी खोटी सुनाते हुए इस मामले की एसआईटी जांच के निर्देश दिये। जांच में दोषी पाए जाने वाले नौकरशाहों- अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।

पंचायतीराज मंत्री अरविंद पांडेय की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में पंचायत विभाग की योजनाओं की समीक्षा हुई। समीक्षा के दौरान पंचायतीराज मंत्री को पता चला कि 14वें वित्त आयोग में आवंटित धनराशि के खरीद-फरोख्त में अनियमितता की गई है। उन्हें यह भी जानकारी दी गयी कि पांच साल से विभागीय स्तर पर कोई समीक्षा ही नहीं हुई।

इस जानकारी से नाराज मंत्री ने प्रमुख सचिव पंचायत राज से वर्ष 2015-16 से अब तक आवंटित धनराशि और हुए खर्च पर एसआईटी जांच के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने प्रमुख सचिव एवं निदेशक पंचायतीराज को समय-समय पर योजनाओं में संचालित कार्यों के निरन्तर मूल्यांकन एवं अनुश्रवण को कहा। उन्होंने समस्त अपर मुख्य अधिकारियों से आगामी 15 दिन में पुनः आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक में कार्य योजना सहित उपस्थित होने के निर्देश दिये।

आवंटित धन और क्रय सामग्री की सूची तलब

पंचायतों के मिले धन के व्यय में हुई अनियमितता से नाराज मंत्री ने सभी अपर मुख्य अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ अगली बैठक में आने को कहा है। उन्होंने वित्त आयोग से प्राप्त धन से क्रय की गई सामग्री की दर आदि का विवरण भी अगली समीक्षा बैठक में साथ लाने के निर्देश दिए हैं।

चार हजार में खरीदे 800 की एलईडी

पंचायती राज विभाग में वित्तीय अनियमितता की बात सबसे पहले उत्तरकाशी में सामने आई। यहां जिलाधिकारी की जांच में पता चला है कि सात से आठ हजार में मिलने वाली सोलर लाइट पर 20 से 24 हजार खर्च किए गए। दो कुंतल लोहा और पांच हजार रुपये की टाइल्स लगाकर बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय की लागत पचास हजार दिखाई गयी है।

पांच से छह हजार रुपये की आपदा किट 12 हजार में खरीदे गये। 800 से 1200 रुपये की मिलने वाली एलईडी लाइट चार हजार में क्रय किए गए। पांच सौ लीटर का वाटर कूलर बाजार में 15 हजार रुपये में उपलब्ध है। यह 80 हजार में खरीदे गये। इस जानकारी के बाद पंचायत राज मंत्री ने पूरे प्रदेश के लिए एसआईटी जांच के आदेश दिये हैं।

पंचायतों के विकास पर पूरा फोकस

केन्द्र सरकार लगातार ग्राम पंचायतों के विकास पर फोकस कर रही है। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों को आवंटित होने वाले धनराशि में कटौती कर ग्राम पंचायतों को पूरा धन दिया जा रहा है। 14वें वित्त सिफारिश पर इसी वर्ष जनवरी माह में प्रदेश की 7953 ग्राम पंचायतों में पेयजल मुहैया कराने की योजनाओं, सड़कों व फुटपाथों के निर्माण, ठोस कूड़े के निपटारे समेत तमाम विकास कार्यों के लिए 162.59 करोड़ आवंटित हुआ था।

इस संबंध में पंचायती राज विभाग के मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि एसआईटी जांच में दोषियों पर सख्ती से कार्रवाई की जायेगी। पंचायत में आवंटित धनराशि आम जनता का है। इसके भुगतान में अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

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