Tuesday, Feb 20, 2018

वीरभद्र आयकर मामले वाली याचिका खारिज

  • Updated on 12/27/2016

Navodayatimesनई दिल्ली (मनोहर)। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रतिभा सिंह व विक्रमादित्य सिंह द्वारा उनकी आयकर असैसमैंट को पुन: जांचने के आयकर विभाग के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को हाइकोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आयुक्त आयकर विभाग द्वारा पारित आदेश कानूनी तौर पर सही हैं।

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जिनमें किसी भी तरह का फेरबदल करना कानूनी तौर पर वाजिब नहीं होगा। इन मामलों में कार्यवाही के दौरान कानूनी प्रक्रिया में किसी भी तरह की खामी नहीं पाई गई है। इसके अलावा प्रार्थीगण कानूनी तौर पर उसी सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रतिवेदन के माध्यम से अपना मामला उठाने के लिए स्वतंत्र है जिसके पास उनके खिलाफ  कार्रवाई करने का क्षेत्राधिकार है। मामले के अनुसार वित्तीय वर्ष 2012-13 में इन्होंने अपनी कुल आय का ब्यौरा आयकर विभाग को देते हुए रिटर्न जमा करवाई थी।

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आयकर विभाग ने कथित तौर पर रिटर्न में खामियां पाते हुए प्रार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 24 नवम्बर 2016 को आयकर आयुक्त ने पुन: आकलन को खोलने के आदेशों के विरुद्ध दायर की गई आपत्तियों को भी खारिज कर दिया था। इन्हीं आदेशों को प्रार्थियों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि आयुक्त आयकर विभाग के आदेश कानूनी तौर पर गलत हैं।

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