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is the uidai no is autosaved in your contact list too

क्या आपके मोबाइल की कांटेक्ट लिस्ट में भी सेव हो चुका है UIDAI का हेल्पलाईन नंबर

  • Updated on 2/5/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। क्या आपके मोबाइल की कांटेक्ट लिस्ट में भी UIDAI (आधार कार्ड) का नंबर सेव हो चुका है। साथ ही आपको व्हाट्स अप, फेसबुक या किसी सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर इसे आपके मोबाइल (mobile) के लिए खतरा बताते हुए इसे तत्काल डिलीट करने की चेतावनी भी दी जा चुकी है। अगर हां तो आपको डरने की जरुरत नहीं है। अलबत्ता एहतियातन तौर पर आप इस नंबर को डिलीट कर सकते हैं, क्योंकि गूगल भी इस ऑटो सेव नंबर को एक बग या वायरस ही मान चुका है।

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2018 किस्सा कहां से शुरु  हुआ
आज से दो साल पहले 2018 में ट्राई के तत्कालीन चेयरमैन आरएस शर्मा ने सोशल मीडिया पर मिलने वाली इस तरह की चेतावनी को बेहद हल्के में लिया था। साथ ही उन्होंने अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर ट्वीट करते हुए हैकर्स को चुनौती दी थी कि  इस जानकारी का इस्तेमाल करते हुए कोई भी उनका कुछ भी बिगाड़ कर दिखाए।

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सभी एंड्रॉयड में सेव हो गए आधार कार्ड के हेल्पलाइन नंबर
इसके साथ ही इस सारे फसाद की शुरुआत हो गई थी। सभी एंड्रॉयड मोबाइल में UIDAI का हेल्पलाइन नंबर ऑटो सेव होना शुरु हो गया। ज्यादातर एंड्रॉयड मोबाइल इस बग से प्रभावित हो गए और मोबाइल में UIDAI का ये नंबर दिखना शुरु हो गया। इसके कुछ ही वक्त बाद इस नंबर को देखते ही फौरन डिलीट करने के मैसेज भी आने शुरु हो गए।  

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गूगल ने माना, 2014 से शुरु हुई थी सारी कहानी 
अलबत्ता गूगल तक को इस बारे में स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा था कि 2014 में UIDAI हेल्पलाईन नंबर और 112 के एमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर को भारत में उपयोग के लिए OEM को देने के लिए एंड्रॉयड रिलीज के सेटअप विजार्ड में कोड किए गए थे। तभी से ये नंबर वहां पर बने हुए हैं। गूगल ने आश्वासन भी दिया था कि इस बग को फिक्स करने पर काम किया जाएगा। गूगल ने कुछ ही हफ्तों में ओईएम उपलब्ध कराने का आश्वास दिया था। इसके बाद से एमरजेंसी नंबर 112 को तो हिंदुस्तान में सक्रिय कर दिया गया, मगर ये बग अभी भी मोबाइल के ऑटोसेव मोड में बचा रह गया।

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कोई भी नेटवर्क हो, बग को कोई फर्क नहीं पड़ता
2020 में भी अभी तक भी आपकी कांटेक्ट लिस्ट में ये नंबर दिखाई दे सकता है। अलबत्ता आप किस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता। एयरटेल, वोडाफोन, जियो मोबाइल से लेकर सभी नेटवर्क पर इस बग का असर दिखाई दे रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर इस नंबर को देखते ही डिलीट करने की चेतावनी भी तभी से दी जा रही है।

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क्या झूठी है स्पैम होने की चेतावनी वाली तस्वीरें
UIDAI ने बताया कि इस तरह का नंबर कांटेक्ट लिस्ट में सेव होन से आपका कीमती डाटा किसी और के पास पहुंच सकता है, ऐसा कोई स्पैम नहीं है। मगर दिक्कत ये है कि देश भर के सभी एंड्रॉयड मोबाइल में सेव हो चुका ये नंबर अपडेट नहीं है। अगर किसी दिक्कत के वक्त कोई भी इस नंबर को मिलाने की कोशिश करेगा तो उसे कोई फायदा नहीं होगा। लास वेगास में हुआ CES 2020 का आयोजन, ये Product हुए लॉन्च

हमने कभी नहीं कहा था कि हमारा हेल्पलाइन नंबर सभी मोबाइलों में सेव किया जाए
अलबत्ता सफाई देते हुए UIDAI महकमा दावा करता है कि उन्होंने किसी भी नेटवर्क या फिर किसी भी विभाग से इस नंबर को सभी मोबाइल तक पहुंचाने के लिए नहीं कहा है। इसीलिए इस नंबर को वो ना तो डिलीट कर सकते हैं और ना ही अपडेट कर सकते हैं। एक तरह से ये एक बग ही है जिससे ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं है तो कोई फायदा भी नहीं है।

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