Monday, Dec 05, 2022
-->
paytm has mastered the two way eco of consumers and merchants

पेटीएम ने उपभोक्ताओं और कारोबारियों के दोतरफा इकोसिस्टम में कर ली है महारत हासिल

  • Updated on 12/3/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत के प्रमुख डिजिटल पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म पेटीएम ने हाल ही में 2.5 बिलियन डॉलर के आईपीओ के साथ शेयर बाजार में अपने सफर की शुरुआत की है। कंपनी ने हाल में अपनी दूसरी तिमाही के आय के नतीजों को भी शेयर किया है, जिससे पता चलता है कि कंपनी का राजस्व  सालाना आधार पर 64 फीसदी बढ़कर10.9 बिलियन रुपये तक पहुंच गया है। जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान वित्तवर्ष 2022 की दूसरी तिमाही  में पेटीएम के अपने योगदान लाभ में साल-दर-साल 592 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 2.6 बिलियन रुपये रहा। योगदान के अंतर में इस साल रेवेन्यू के 24 फीसदी का उछाल आया, जो पिछले साल 5.7 फीसदी था। विश्लेषकों को उम्मीद है चूंकि पेटीएम अपने मार्केट खर्चों को नियंत्रित कर रहा है, इसलिए पेटीएम के योगदान मार्जिन में सुधार आने की उम्मीद है।

पेटीएम ने वित्त वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में राजस्व का बेहतर ढंग से समायोजित एबिटा मार्जिन (39 फीसदी) 4,255 मिलियन रुपये हो गया है। वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने राजस्व का (64 फीसदी) एबिटा मार्जिन 4267 मिलियन रुपये दर्ज किया था। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी में निवेश बढ़ा और मर्चेंट बेस का विस्तार भी किया गया।    

कंपनी द्वारा की गई शानदार वृद्धि के बाद, दौलत कैपिटल के विश्लेषकों ने ‘लेवाली’(बाय) रेटिंग के साथ 2500 रुपये का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह कंपनी के इश्यू प्राइस 2150 रुपये से16 फीसदी अधिक है। विश्लेषकों ने इसलिए यह टारगेट दिया है क्योंकि पेटीएम ने सुपर ऐप होने के नाते पसंदीदा दर्जे (वॉन्ट स्टेटस) से ऊपर उठकर जरूरत (नीड) का दर्जा हासिल कर लिया है। यह महत्वपूर्ण अवसरों का लाभ उठाने के लिए सबसे मजबूत डिजिटल ब्रैंड में से एक बन गया है, जो भारतीय इंटरनेट के इकोसिस्टम में उभरेंगे।   

विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पेटीएम ने उपभोक्ताओं और कारोबारियों के दोतरफा इकोसिस्टम में महारत हासिल कर ली है। पेटीएम के 337 मिलियन से ज्यादा उपभोक्ता हैं और पेटीएम के प्लेटफॉर्म पर 22 मिलियन कारोबारी है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि कंपनी का राजस्व स्थिर रहने और बढ़ने का यह ट्रेंड बरकरार रहेगा। उपभोक्ता पेमेंट और कॉमर्स के ज्यादा विकल्पों की खोज कर रहे हैं। किसी भी साइट में जाने पर उपभोक्ताओं को पेटीएम से पेमेंट का ऑप्शन दिखता है।

दौलत कैपिटल के विश्लेषकों ने कहा, “आर्थिक स्तर और भौगोलिक दोनों ही नजरिए से यूजस बेस तक कंपनी की गहरी पहुंच इसे उपभोक्ताओं के लिए और मूल्यवान बनाती है। इससे खासतौर से उस उपभोक्ता को लाभ पहुंचा है, जो अब तक आमतौर पर किसी डिजिटल मोड से पेमेंट का विकल्प नहीं अपनाता है।“

पेटीएम का विकास “एजेंट से निर्माता” के रूप में हुआ
पेटीएम ने सभी तरह के कारोबार के लिए उपयोगी फुल स्टैक पेमेंट मॉडल विकसित किया है। यह अपने मौजूदा कस्टमर्स को अतिरिक्‍त प्रॉडक्ट या सर्विस की भी बिक्री करता है। पेटीएम के पास वफादार उपभोक्ताओं का मजबूत बेस है। पेपीए भुगतान के कई साधनों का इस्तेमाल करता है, जिसमें पेटीएम वॉलेट, पेटीएम, यूपीआई, पेटीएम पोस्टपेड (बाय नाओ, पे लेटर), क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड , पेटीएम, पीओएस, ऑल इन वन क्यूआर कोड, साउंड बॉक्स समेत दूसरे साधन शामिल हैं। कंपनी डिजिटल मार्केटिंग, वेल्थ मैनेजमेंट, लेंडिंग, इंश्योरेंस और कई अन्य क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी से वित्तीय क्षेत्र में दिग्गज कंपनी बनकर उभरी है। 

दौलत कैपिटल में विश्लेषकों ने भी इसका संज्ञान लिया और कहा कि कंपनी अब एजेंट से आगे बढ़कर निर्माता की श्रेणी में पहुंच गई है। कंपनी पेमेंटगेटवे, फास्टैग, पी2एम पेमेंट्स और वॉलेट आदि में मार्केट में नेतृत्व की स्थिति में है।  

विश्लेषकों ने कहा, “पेटीएम से भुगतान के साधन काफी गहराई से एक दूसरे से जुड़े हैं और रिटेंशन लेयर के रूप में काम करते हैं, बल्कि कॉमर्स और फाइनेंशियल सर्विस(वेल्थ, इंश्योरेंस, डिस्काउंट ब्रोकिंग और लेंडिग) पेटीएम के लिए वास्तव में बड़ा मुद्रिकरण साधन है।“  

विश्लेषकों का कहना है, “कंपनी वित्त वर्ष 2026 तक लाभ की स्थिति में पहुंच जाएगी। पेटीएम के एक एजेंट से फाइनेंशियल सर्विसेज के भागीदार के रूप में बदलाव से कंपनी ज्यादा लाभ कमाने में सक्षम होगी और कंपनी के कैश फ्लो में बढोतरी होगी।”

comments

.
.
.
.
.