Tuesday, Jan 18, 2022
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Action plan sought from departments till September 21 to deal with pollution

प्रदूषण से निपटने के लिए विभागों से 21 सितंबर तक मांगा एक्शन प्लान

  • Updated on 9/14/2021

--सीएम अरविंद केजरीवाल जल्द ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलेंगे, पत्र भेजकर मिलने का समय मांगा
--विंटर एक्शन प्लान बनाने को लेकर पर्यावरण मंत्री ने की समीक्षा बैठक
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान तैयार करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक की। 10 फोकस बिंदुओं पर विभागों को 21 सितंबर तक अपनी-अपनी कार्य योजना बनाकर पर्यावरण विभाग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसके आधार पर सरकार 30 सितंबर तक विंटर एक्शन प्लान जारी करेगी और फिर इसके हिसाब से प्रदूषण के खिलाफ अभियान की शुरुआत होगी।  पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जल्द ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलेंगे। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पराली पर बायो डि-कंपोजर के प्रयोग को लेकर आई थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट सौंपेंगे और उनसे अन्य राज्यों में लागू कराने की मांग करेंगे। पत्र भेजकर उनसे मिलने का समय मांगा गया है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले इंजीनियर, एई और ठेकेदारों को प्रशिक्षण देकर उन्हें सरकार के जारी दिशा-निर्देशों का पालन कराने के लिए संवेदनशील बनाया जाएगा।
बैठक में तीनों एमसीडी, एनडीएमसी, छावनी बोर्ड, डीडीए, सीपीडब्ल्यूडी, पीडब्ल्यूडी, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, पर्यावरण विभाग व विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
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विभागों को 10 बिंदुओं पर सौंपी अलग-अलग जिम्मेदारी
--- दिल्ली के अंदर पराली की समस्या से निपटने के लिए विकास विभाग को एक्शन प्लान बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग से पूछा गया है कि दिल्ली के अंदर पैदा होने वाली पराली से निपटने के लिए इस साल टाइम लाइन और एक्शन प्लान क्या होगा? 
---धूल प्रदूषण रोकने के लिए तीनों एमसीडी, छावनी बोर्ड, एनडीएमसी, डीडीए पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी व सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को जिम्मेदारी गई है। 
--- निर्माण एजेंसियों को चार बिंदुओं पर एक्शन प्लान बनाने का लक्ष्य दिया गया है। पहला, डस्ट सबमिशन केमिकल के प्रिक्योरमेंट करने का एक्शन प्लान। दूसरा, मैकेनिकल डोर स्वीपिंग का एक्शन प्लान। तीसरा, जो मशीनें धूल को खींचती हैं, उसके डिस्पोजल का एक्शन प्लान। 
--- कूड़ा को जलाने से रोकने के लिए एक्शन प्लान बनाने की जिम्मेदारी एमसीडी को दी गई है।  एमसीडी से कहा गया है कि दूसरे जगहों पर फेंके गए कूड़े को आग लगने से पहले ही एकत्र कर कूड़ा घर पहुंचा दिया जाए, ताकि कूड़े में लगने वाली आग की घटनाओं को रोका जा सके। 
---वाहन प्रदूषण को कम करने के लिए परिवहन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। विभाग से कहा गया है कि दिल्ली सरकार की इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को और प्रचारित किया जाए।

---परिवहन विभाग को प्रदूषण सर्टिफिकेट की निगरानी को गति देने के लिए एक्शन प्लान बनाने को कहा गया है। ट्रैफिक पुलिस को वाहनों के प्रदूषण को कम करने के लिए एक्शन प्लान बनाने का लक्ष्य दिया गया है। जिन जगहों पर वाहनों की भीड़ ज्यादा हो रही है, उसके समाधान के लिए एक्शन प्लान बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
---- सड़कों पर खराब ट्रक और वाहनों से भी जाम लग जाता है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष प्रबंधन करने जिम्मेदारी दी गई है, ताकि उन गाड़ियों को तत्काल हटाया जा सके।

---परिवहन विभाग को जिम्मेदारी दी गई है कि अगर डीटीसी व क्लस्टर की बसें सड़क पर खराब हुई, तो उसे ठीक करने के लिए सबसे करीबी डिपो से मकैनिक भेजा जाए। अभी यह सिस्टम है कि खराब बस को ठीक करने के लिए संबंधित डिपो से मैकेनिक आता है।
----प्रदूषण के हॉटस्पॉट की एमसीडी नोडल एजेंसी है। हॉटस्पॉट की निगरानी की जिम्मेदारी एमसीडी को दी गई है।
---पड़ोसी राज्यों से संवाद की जिम्मेदारी पर्यावरण विभाग को दी गई है। केंद्र सरकार से सामंजस्य स्थापित करने का काम पर्यावरण विभाग करेगा।
---वॉर रूम और ग्रीन एप पर डीपीसीसी और पर्यावरण विभाग काम करेंगे।

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