Sunday, Dec 04, 2022
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Air India flight to London delayed by 3 hours, passengers create ruckus

लंदन जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान में हुई 3 घंटे की देरी, यात्रियों किया हंगामा

  • Updated on 5/24/2022

 यात्रियों ने क्रू मेंबर के विलंब से आने व एयरलाइन द्वारा सीट आवंटन में भी गड़बड़ी का लगाया आरोप

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।



दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर मंगलवार सुबह करीब तीन घंटों से इंतजार कर रहे लंदन जाने वाले यात्रियों ने हंगामा कर दिया। सभी यात्रियों एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई-161 से लंदन के लिए प्रस्थान करनी थी। पर देरी होने पर यात्री को खासी परेशानी हो रही थी और एयरलाइन डेस्क से किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी।
नाराज यात्रियों का आरोप था कि विमान के क्रू मेंबर के विलंब से आने का आरोप लगाया। वहीं कुछ का आरोप है कि एयरलाइन ने अनुपयोगी सीट बताकर उन्हें सीट नहीं दिए। इसी दौरान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सभी एयरलाइनों को चेतावनी दी है कि वह यात्रियों को अनुपयोगी सीटों की बुकिंग नहीं करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक एआई-161 को आधी रात के बाद 2.45 बजे टर्मिनल 3 से लंदन के लिए रवाना होना था। लेकिन यह सुबह 5.45 रवाना हो सकी। यात्रियों का आरोप था कि विमान के देर से उड़ान भरने का कारण विमान के क्रू मेंबर का देरी से पहुंचना था। वहीं, यात्रियों ने सीट आवंटन को लेकर भी शिकायत की। यात्रियों को अनुपयोगी सीट बताकर सीट नहीं दी गई। जिससे कुछ यात्रियों को बिजनेस क्लास में बुकिंग होने पर भी निचली श्रेणी में सीट दी गई। कुछ लोग सफर भी नहीं कर पाए।

वहीं इस संबंध में एयर इंडिया के प्रवक्ता का कहना है कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण सोमवार देर रात यहां आने वाली कई उड़ानें डायवर्ट और निलंबित हुई थी। इन उड़ानों में एआई -161 में जाने वाले भी कई यात्री थे। इसलिए इन सभी कनेक्टिंग यात्रियों को अपने साथ ले जाना सुनिश्चित करने के चलते उड़ान में कुछ देरी हुई।

एयरलाइन यात्रियों को न दे अनुपयोगी (खराब) सीट

डीजीसीए की ओर से सभी एयरलाइन को मंगलवार को निर्देश जारी किया है, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान विमान के अनुपयोगी (खराब) यात्रियों को बुक न करने को कहा है। इसके लिए डीजीसीए तत्काल एयरलाइनों को कार्रवाई करते हुए लागू करने की सलाह दी है। डीजीसीए ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने पर मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।

गौरतलब हो कि इस साल की शुरुआत में डीजीसीए ने एयरलाइनों के विमानों में सीट और अन्य केबिन फिटिंग का ऑडिट कराया था। इस ऑडिट में कई सीटें या तो टूटी हुई या खराब पाई गई थीं। देश की सभी एयरलाइनों को दिए गए निर्देश में डीजीसीए ने कहा है कि कुछ एयरलाइन यात्रियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के दौरान खराब सीट उपलब्ध करा रही है। इससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। साथ ही यह यात्रियों की गंभीर सुरक्षा चिंता का मामला है। विमान नियम 1937 के नियम 53 के मुताबिक विमान की सीट समेत सभी चीजें स्वीकृत डिजाइन विशेषताओं के अनुरूप ही होनी चाहिए।

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