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anujith-27-year-old-youth-who-once-saved-hundreds-of-people-in-2010-prsgnt

मरने के बाद भी आठ लोगों के लिए फरिश्ता बन गया ये 27 वर्षीय युवक, जाने कैसे

  • Updated on 7/23/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कुछ लोग जीते-जी लोगों की मदद करते हैं तो कुछ लोग जीते हुए भी और मरने के बाद भी लोगों की सहायता करने के लिए याद किए जाते हैं। ऐसा ही एक मामला केरल से सामने आया है।

केरल के रहने वाले एक युवक ने अपनी मौत के बाद 8 लोगों की मदद की है। बताया जा रहा है कि इस मरने वाले युवक 27 साल के अनुजिथ ने मरने के बाद अपने अंगों को दान दिया जिससे 8 लोगों की मदद हो सकी है। अनुजिथ की एक बाइक हादसे में मौत हो गई थी।

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बताया जा रहा है कि 14 जुलाई को केरल के कोट्टारकारा में अनुजिथ की बाइक का एक्सीडेंट हो गया। इसके बाद अनुजिथ को तिरुवनंतपुरम के किम्स अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। लेकिन इससे पहले अनुजिथ की इच्छा पूरी की गई और उसके अंगदान किए गए।

अनुजिथ के परिवारीजन ने अनुजिथ का दिल, किडनी, छोटी आंत, आंखें, लिवर और हाथ जरूरतमंद मरीजों को दान में दिए।

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बता दें, अपनी मौत से पहले भी अनुजिथ ने 17 वर्ष की आयु में टूटे हुए रेलवे ट्रैक को देखने के बाद सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से बचाया था। अनुजिथ ने ट्रेन में बैठे हजारों लोगों की जान बचाई थी। ये हादसा 2010 में हुआ था तब अनुजिथ रेलवे ट्रैक पर लोको पायलट को सचेत करने के लिए एक लाल टोकरी लहराई। अनुजिथ की इस सूझ-बुझ को लोगों ने बहुत सराहा भी था।

बताते चले कि अनुजिथ ने एक ड्राइवर के रूप में काम करते थे उनका एक तीन साल का बेटा भी है।

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