Friday, Dec 09, 2022
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Application to Vis Speaker for disqualification of Mukul Roy as MLA rkdsnt

मुकुल रॉय को विधायक के तौर पर अयोग्य घोषित करने को लेकर विस अध्यक्ष को अर्जी

  • Updated on 6/18/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी को एक अर्जी सौंपकर दलबदल विरोधी कानून के तहत सदन में मुकुल रॉय को सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जो हाल ही में भाजपा से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हुए हैं। यह जानकारी भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दी।     इसके जवाब में टीएमसी ने जोर देकर कहा कि विपक्ष के नेता को अपने पिता एवं सांसद शिशिर अधिकारी से उदाहरण पेश करने का अनुरोध करना चाहिए क्योंकि उन्होंने भी विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। 

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हालांकि, संपर्क करने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह अभी अर्जी के बारे में कुछ नहीं कह पाएंगे क्योंकि उन्हें अभी विधानसभा जाना है।     भाजपा विधायक मनोज तिग्गा ने कहा, ‘‘हमने विधानसभा अध्यक्ष को एक पत्र सौंपा है जिसमें विधायक मुकुल रॉय को सदन की सदस्यता के अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता था, लेकिन बाद में टीएमसी में शामिल हो गए। इसलिए, कानून के अनुसार, उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। हमने विधानसभा अध्यक्ष से मामले पर गौर करने के लिए कहा है।’’     इस महीने की शुरुआत में रॉय फिर से टीएमसी में शामिल हो गए। वह भाजपा में साढ़े तीन साल रहे। 

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उन्होंने मार्च-अप्रैल में हुआ विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था और कृष्णानगर उत्तर सीट से जीत हासिल की थी।     अधिकारी ने कुछ दिन पहले रॉय की शिकायत करने के लिए राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की थी।     राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता ने ट्विटर पर कहा कि कानून की मांग है कि वह विधायक के रूप में इस्तीफा दें क्योंकि वह भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुने गए थे। दासगुप्ता ने भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव हार गए थे।    

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 दासगुप्ता ने ट्वीट किया, ‘‘पिछले हफ्ते मुकुल रॉय ममता बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए। उनके दलबदल पर कोई अस्पष्टता नहीं है। राजनीति अपना काम करेगी, लेकिन कानून की मांग है कि वह विधायक के रूप में इस्तीफा दें क्योंकि वह भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुने गए थे। वह 2017 में भाजपा में शामिल होने से पहले राज्यसभा से इस्तीफा देने के अपने तरीके का पालन करें।’’  

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भाजपा के दावों पर तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि विपक्ष के नेता को ‘‘दूसरों को व्याख्यान देने से पहले अपने पिता शिशिर अधिकारी से कहना चाहिए कि हमारी पार्टी के सांसद के रूप में इस्तीफा दें’’ जो मार्च में भाजपा में शामिल हुए थे।’’    

 वहीं टीएमसी के राज्यसभा के उपनेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि भाजपा को दलबदल विरोधी कानून पर उपदेश नहीं देना चाहिए जिसने अन्य राज्यों में अन्य दलों के ‘‘विधायकों की खरीद फरोख्त करके’’ सरकार बनायी है।     उन्होंने कहा, ‘‘टीएमसी ने भाजपा के विपरीत किसी को भी पार्टी में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया है। वहीं भाजपा ने अन्य पार्टियों के विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए हर युक्ति का इस्तेमाल किया है जिसमें धमकी से लेकर डराना-धमकाना तक शामिल है।’’      

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