Tuesday, Nov 19, 2019
Assam news Assam flood Destroyed life

असम में बाढ़ से जन जीनव हुआ अस्त-व्यस्त

  • Updated on 7/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। असम(Assam) में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के आधे से अधिक जिले ब्रह्मपुत्र नदी एवं उसकी सहायक नदियों में आयी बाढ़ के पानी में जलमग्न हैं। इसकी वजह से तीन लोगों की मौत हो गयी है और राज्य के 4.23 लाख लोग इससे प्रभावित हैं।

मुड़िया पूनों मेले की अपनी ही है धार्मिक-सांस्कृतिक अहमियत

ट्रेन सेवाओं पर पड़ रहा है असर
पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे के सूत्रों ने बताया कि बाढ़ के पानी की वजह से रेलवे अधिकारियों को पर्वतीय खंड में ट्रेन सेवाएं नियंत्रित करनी पड़ीं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार प्रभावित जिलों में धेमाजी, लखीमपुर, बिस्वनाथ, नलबाड़ी, चिरांग, गोलाघाट, माजुली, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, मोरीगांव, कोकराझार, बोंगाईगांव, बक्सा, सोनितपुर, दर्रांग और बारपेटा शामिल हैं।

Image result for असम बाढ़

आतंकी सरगना हाफिज पहुंचा अदालत की शरण में, लगाई इंसाफ की गुहार

बड़ी संख्या में लोग हुए हैं प्रभावित
इसके अनुसार बारपेटा में हालत गंभीर है जहां 85,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने बताया कि 41 राजस्व सर्किल में करीब 800 गांव जलमग्न हैं और करीब 2,000 प्रभावित लोग 53 राहत शिविरों में शरण लिये हुए हैं तथा जिला प्रशासन ने उनके लिये राहत वितरण केंद्र भी स्थापित किये हैं। काजीरंगा संभागीय वन अधिकारी रुहिनी सैकिया ने बताया कि बाढ़ से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भी प्रभावित हुआ है, जिसके कारण अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर गुजरने वाहनों की आवाजाही सीमित करने के लिये सड़क पर अवरोधक स्थापित किये हैं।

Image result for असम बाढ़

भारतीय लड़ाकू विमानों से डरा पाकिस्तान, एयरस्पेस खोलने के लिए रख रहा है यह शर्त

लगायी गयी धारा 144
गोलाघाट प्रशासन ने उद्यान के आस-पास सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी है क्योंकि बाढ़ की वजह से पशु यहां से निकलकर अपनी सुरक्षा में ऊंचाई वाले स्थान की तलाश में राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर कार्बी आंगलोंग पर्वतीय क्षेत्र की ओर जा रहे हैं। 

Image result for असम बाढ़

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.