Monday, Dec 06, 2021
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Cleaning Yamuna is our first priority: Kejriwal

यमुना की सफाई हमारी पहली प्राथमिकता: केजरीवाल

  • Updated on 11/26/2021

-दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की सफाई के लिए यमुना क्लीनिंग सेल का गठन किया
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना नदी की सफाई के काम में तेजी लाने के लिए वीरवार को यमुना क्लीनिंग सेल का गठन किया। सेल विभिन्न विभागों की ओर से यमुना की सफाई पर किए जा रहे कार्यों पर नजर रखेगा। दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को सेल का अध्यक्ष बनाया गया है और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि इसके सदस्य होंगे। फरवरी 2025 तक यमुना को साफ  कराने की जिम्मेदारी सेल के पास होगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यमुना की सफाई को लेकर वीरवार को फिर दिल्ली सचिवालय में बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर-विभागीय निर्णय लेने और कार्य निष्पादन में तेजी लाने के लिए यमुना क्लीनिंग सेल का गठन किया गया है और इससे यमुना की सफाई के काम में तेजी आएगी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हम यमुना की खोई सुंदरता को वापस लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। यमुना क्लीनिंग सेल सभी प्रशासनिक बाधाओं को भी दूर करेगा। मौजदा समय में दिल्ली के अंदर करीब 675 जेजे क्लस्टर बिना सीवर के हैं। इन जेजे क्लस्टर्स का अनुपचारित गंदा पानी यमुना नदी में गिरता है। इस गंदे पानी की समस्या से निपटने के लिए सभी जेजे क्लस्टर्स को बरसाती पानी के ड्रेनेज सिस्टम से अलग किया जाएगा और वहां से निकलने वाले गंदे पानी को आसपास के एसटीपी में ट्रीट करने के लिए भेजा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जेजे क्लस्टर्स का बिना ट्रीट हुआ पानी यमुना नदी में नहीं गिरेगा। दिल्ली जल बोर्ड की देखरेख में डूसिब द्वारा ट्रैपिंग व्यवस्था की जाएगी। दिल्ली में 13 सीईटीपी हैं जो वर्तमान में 17 औद्योगिक क्लस्टर्स की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। डीएसआईआईडीसी दिल्ली में यमुना को प्रदूषित करने वाले औद्योगिक कचरे की संभावना को खत्म करने के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में जहां भी आवश्यक है, वहां पर सीईटीपी स्थापित करने पर काम कर रहा है।

सरकार सीवेज ट्रीटमेंट के लिए 279 एमजीडी क्षमता के चार नए ट्रीटमेंट प्लांट बना रही है। इसके अलावा मौजूदा 19 एसटीपी को अपग्रेड किया जा रहा है। जिसके बाद सीवेज को ट्रीट करने की क्षमता काफी बढ़ जाएगी। दिल्ली के अंदर 33 इंडस्ट्रीयल क्लस्टर्स हैं। इन इडस्ट्रीयल क्लस्टर्स के अंदर से काफी सारा औद्योगिक कचरा निकलता है। इसमें से 17 इंडस्ट्रीयल क्लस्टर्स ऐसे हैं, जिनका पानी 13 सीईटीपी में जाता है और बाकी का सीईटीपी में नहीं जाता है। जिनका पानी सीईटीपी में नहीं जाता है, उनके पानी को अलग-अलग जगहों पर सीवर लाइन में टैप कर लिया जाएगा और उसे सीईटीपी में साफ  होने के लिए भेजा जाएगा। अगर कोई इंडस्ट्री किसी भी तरह के कचरे का ठीक से निपटान नहीं करेगी, तो उसको बंद कर दिया जाएगा। दिल्ली के अंदर 1799 अनधिकृत कॉलोनियां हैं,जिनमें 2024 तक सीवर लाइन डालने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार 100 फीसदी घरों तक सीवर का कनेक्शन खुद लगाएगी।

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