Friday, Oct 30, 2020

Live Updates: Unlock 5- Day 30

Last Updated: Fri Oct 30 2020 10:35 PM

corona virus

Total Cases

8,112,263

Recovered

7,397,307

Deaths

121,344

  • INDIA8,112,263
  • MAHARASTRA1,666,668
  • ANDHRA PRADESH1,648,665
  • KARNATAKA816,809
  • TAMIL NADU719,403
  • UTTAR PRADESH477,895
  • KERALA418,485
  • NEW DELHI381,644
  • WEST BENGAL369,671
  • ARUNACHAL PRADESH325,396
  • ODISHA288,646
  • TELANGANA235,656
  • BIHAR214,946
  • ASSAM205,635
  • RAJASTHAN193,419
  • CHANDIGARH183,588
  • CHHATTISGARH183,588
  • GUJARAT171,040
  • MADHYA PRADESH169,999
  • HARYANA163,817
  • PUNJAB132,727
  • JHARKHAND100,964
  • JAMMU & KASHMIR92,677
  • UTTARAKHAND61,566
  • GOA42,747
  • PUDUCHERRY34,482
  • TRIPURA30,290
  • HIMACHAL PRADESH21,476
  • MANIPUR17,604
  • MEGHALAYA8,677
  • NAGALAND8,296
  • LADAKH5,840
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS4,305
  • SIKKIM3,863
  • DADRA AND NAGAR HAVELI3,238
  • MIZORAM2,656
  • DAMAN AND DIU1,381
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
coronavirus-dexamethasone-proves-first-life-saving-drug-prsgnt

Good News! कोरोना के मरीजों की जान बचाने में कारगर है डेक्सामेथासोन दवा, जानिए कैसे?

  • Updated on 6/17/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस ने दुनियाभर में 8,265,174 लोगों को अपनी चपेट में ले रखा है। जबकि इस बीमारी के कारण अब तक 446,149 लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना की दवा खोजने में लगे हैं। जब तक एक सफल दवा नहीं मिल जाती तब तक गंभीर कोरोना के मरीजों को कई दूसरी प्रभावी दवाएं वैकल्पिक तौर पर दी जा रही हैं। जिससे काफी हद तक कोरोना के प्रभाव को कम किये जाने में सफलता भी मिल रही है।

ऐसी ही एक दवा इंग्लैंड के वैज्ञानिकों द्वारा प्रस्तावित की गई है। इस दवा के बारे में वैज्ञानिकों का दावा है कि इसके इस्तेमाल से कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों को मौत से बचाया जा सकता है।

कम टेस्टिंग है घातक, एक्सपर्ट ने कहा- ग्लोबल कोरोना केंद्र बनने की ओर भारत

क्या है ये दवा
इस दवा का नाम डेक्सामेथासोन है जो एक तरह का स्टेराइड है। इस दवा को लेकर काफी रिसर्च के बाद पता चला है कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना के गंभीर मरीजों की मृत्यु दर एक तिहाई तक घट गयी है। इस दवा का उपयोग 1960 के दशक से गठिया और अस्थमा के लिए किया जा रहा है और अब कोरोना के वो मरीज जिन्हे वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी है उनके लिए इस दवा ने चमत्कारी रूप से काम किया है।

दिल्ली के बैंक्वेट हॉल में लगे कोरोना मरीजों के बेड्स, कोर्ट जाएंगे मालिक

दवा के ऐसे रहे हैं रिजल्ट
बताया जा रहा है कि इस दवा से जुड़े अध्ययन को जल्द ही पब्लिश किया जाएगा। इस अध्ययन में बताया गया है कि जांच के बाद 2104 मरीजों को ये दवा दी गयी। इन मरीजों की तुलना उन 4321 मरीजों से की गयी जिनकी नार्मल देखभाल हो रही थी. अध्ययन में देखा गया कि जिन मरीजों के गंभीर रूप से बीमार होने के कारण वेंटिलेटर की जरूरत पड़ी, उनके मरने का जोखिम इस दवा को देने के बाद, एक तिहाई तक कम हो जाता है।

कोरोना से पुलिस की चिंता अब होगी दूर, वर्दी को संक्रमण मुक्त करेगी 'जर्मीक्लीन' ये है खासियत

मृत्यु दर हुई कम
इतना ही नहीं, जिन मरीजों को ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ रही है, उनमें पांचवें हिस्से के बराबर मौत का रिस्क कम हो जाता है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि सांस लेने से जुड़ी मशीनों का सहारा लेकर इलाज करा रहे मरीजों की मृत्यु दर 35% तक घट गई और जिन लोगों ऑक्सीजन की जरूरत थी उनके इलाज में भी 20% तक मृत्यु दर कम हो गयी।

12 लाख डॉलर की लागत से अमेरिका ने भारत को सौंपे 100 वेंटिलेटर, ट्रंप ने की थी पेशकश

सस्ती है दवा
वैज्ञानिकों ने इस दवा के रिजल्ट को देखकर ख़ुशी जाहिर की है और कहा है कि ये काफी उत्साहजनक नतीजे है। साथ ही इस दवा की सबसे अच्छी बात ये है कि डेक्सामेथासोन दवा महंगी भी नहीं है और दुनिया का हर देश अपनी सहूलियत के हिसाब से खरीद सकता है। डेक्सामेथासोन के दस दिन के इलाज का खर्चा एक मरीज पर मात्र 500 रूपया पड़ता है और अनुमान के हिसाब से केवल 3500 रूपये में एक मरीज की जान आसानी से बचाई जा सकती है।

यहां पढ़ें कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

comments

.
.
.
.
.