Wednesday, Jan 19, 2022
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ऊंची बिल्डिंग्स में रहने वालों को कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादाः शोध

  • Updated on 7/20/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर स्कॉटलैंड की हेरियट वॉट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाला यह खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़ी और ऊंची बिल्डिंग्स में रहने वाले लोगों को कोरोना संक्रमित होने की आशंका ज्यादा है।

वैज्ञानिकों का कहना है बिल्डिंग्स में रहने वालों के घरों में एक ही जगह से सप्लाई होती है जो बेहद खतरनाक है। ऊंची बिल्डिंग्स में पानी और सीवरेज सप्लाई सिस्टम से कोरोना के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा सार्स वायरस के मामले में देखने को मिला था।

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इस बारे में हेरियट वॉट यूनिवर्सिटी में वॉटर एकेडमी के डायरेक्टर माइकल गॉर्म्ले का कहना है कि इस तरह की इमारतों में पानी की सप्लाई वहां एक ही जगह से होती है और कुछ ऐसा ही खतरा अस्पतालों में एडमिट लोगों के लिए भी होता है।

माइकल ने बताया कि 2003 में हांगकांग के एमॉय गार्डेन्स नाम की इमारत में सार्स वायरस पानी सप्लाई के जरिए ही फैला था। यहां की इमारतों में 33 से 41 मंजिले थीं। जिनमें 19 हजार लोग रहते थे। जब सार्स फैला तो इन इमारतों में रहने वालों में से 300 लोग तेजी से उसकी चपेट में आ गए, जबकि, इनमें से 42 लोगों की मौत हो गई थी।

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इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में बताया कि  सार्स महामारी पानी सप्लाई वाली पाइपलाइन के जरिए फैली था, क्योंकि सिंक और टॉयलेट में यू आकार का पाइप लगा होता हैं और इन पाइपों में जमा होने वाले पानी एयरबॉर्न बीमारियां पैदा करते हैं।

इससे बचने के लिए बाथरूम को साफ़ रखना जरूरी है। बाथरूम से बदबू आने पर उसकी पाइपों की जांच तुरंत कराएं। इसके साथ ही कभी भी टॉयलेट के यू शेप पाइप को खुला न छोड़ें बल्कि उसे सीलबंद कर दें। साथ ही समय-समय पर इमारतों की पाइपों की जांच करें और डिसइंफेक्टेंट का छिड़काव कराएं।

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