Wednesday, Jan 26, 2022
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Every wish is fulfilled in these temples of Maa Durga

मां दुर्गा के इन मंदिरों में होती है हर मनोकामना पूरी

  • Updated on 9/25/2019

नई दिल्ली/ टीम डिडिटल। नवरात्री की शुरुआत इस बार 29 सितंबर से होगी। पितृ पक्ष के अंत के बाद 9 दिनों से तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। नवरात्री के दौरान पूरे देश में अलग-अलग क्षेत्रों में मां के मंदिरों में भारी संख्या में भक्त अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। माना जाता है कि इन मंदिरों में मां सबकी मनोकामना पूरी करती है।

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नौनिताल में नैना देवी मंदिर
नैना देवी मंदिर नौनिताल के नैनी झील के पास स्थित है यह मंदिर 1880 में आए भूस्खलन से नष्ट हो गया था। बाद में इसे दोबारा बनाय गया। यहा सती के शक्ति रूप की पूजा की जाती है। माना जाता है कि यहां आने बाले लोगों की माता सुनती है।

ज्वाला देवी मंदिर हिमाचल के कांगड़ा जिले में कालीधार पहाड़ी के बीच बसा है। इस मंदिर को ज्वालादेवी के 51 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ माना जाता है। माना जाता है कि भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से कटकर माता सती के अंग गिरे थे। इस मंदिर में भी उनका एक अंग गिरा और यहा मंदिर बना।

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कामाख्या शक्तिपीठ मंदिर
असम के नीलांचल पर्वत पर कामाख्या शक्तिपीठ मंदिर स्थित है। माता के इस रूप को सबस् शक्तिशाली कहा जाता है। माना जाता है कि यहा माता सती का योनि भाग गिरा था उसे से कामाख्या महापीठ की उत्पत्ति हुई। जिस कारण ये मंदिर महत्वपूर्ण है।

करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर से लगभग 30 किलोमीटर दूर जोधपुर रोड पर देशनोक गांव की सीमा पर स्थित है।ल ये मंदिर एक तीरथ धाम है। लेकिन इसे दुनिया भर में चूहे वाले मंदिर के नाम से भी जानते है।

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सबसे प्रसिद्ध मंदिर
1847 में कोलकाता में मां दक्षिणेश्र्वर काली मंदिर बनने की शुरूआत हुई थी। यह यहां का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। बताया जाता है कि जान वजार की महारानी रासमणि ने सपना देखा था जिसमें मां काली नने उन्हें मंदिर बनाने का निर्देश दिया था। उसके बाद इसकी स्थापना हुई। मान्यता है कि इस मंदिर में मां सबकी मनोकामना पूरी करती है।  
  

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