Friday, Jan 18, 2019

Exclusive Interview: बेरोजगारी के मुद्दे को टच करती है ‘दो दूनी पंज’

  • Updated on 1/11/2019

नई दिल्ली/नेहा मिन्हास। पंजाबी फिल्म ‘दो दूनी पंज’ रिलीज हो गई है। फिल्म के अदाकार अमृत मान और निर्देशक बादशाह फिल्म की प्रोमोशन के लिए ‘पंजाब केसरी’ स्टूडियो पहुंचे और फिल्म की खूबियों को लेकर चर्चा की। इस फिल्म में बेरोजगारी का मुद्दा उठाया गया है। पंजाब केसरी/नवोदय टाइम्स की संवाददाता नेहा मिन्हास ने फिल्म की स्टार कास्ट के साथ बातचीत की। पेश है पूरी बातचीत:

आपने ‘दो दूनी पंज’ मूवी का चयन किस आधार पर किया?
बादशाह : दरअसल मुझे लगता है कि आज के हालात के अनुसार ऐसी फिल्म बनाना जरूरी था। फिल्म का मकसद पंजाबी इंडस्ट्री में नए तरह का प्रयोग करके इंडस्ट्री का दायरा बढ़ाने का है ताकि यहां और अच्छी फिल्में भी बन सकें। इस फिल्म के जरिए हमने बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दे को छूने की कोशिश की है और यह मुद्दा सिर्फ पंजाब का मुद्दा नहीं है बल्कि पूरे देश में युवा बेरोजगारी के कारण परेशान हैं। यह फिल्म मनोरंजन भी करेगी। इस फिल्म में बेरोजगारी पर हल्के-फुल्के सवाल भी उठाए गए हैं। 

Image result for do dooni panj badshah maanक्या आप सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्में ही पसंद करते हैं? 
अमृत मान : मेरे पास कॉमेडी फिल्मों के भी ऑफर थे। हालांकि ‘दो दूनी पंज’ फिल्म में भी काफी कॉमेडी है लेकिन जब मनोरंजन के साथ-साथ फिल्म में समाज के लिए कोई संदेश होता है तो मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट ज्यादा पसंद आती है। इससे ऐसी फिल्मों को परिवार के सभी सदस्य मिलकर देखते हैं। कॉमेडी युवाओं को आकॢषत करने में सफल रहती है। मेरी हमेशा कोशिश रही है कि गीतों के साथ-साथ फिल्मों में भी कुछ अलग प्रयोग किए जाएं। 

आप दोनों इंजीनियर हैं, क्या इसलिए भी आपने ‘दो दूनी पंज’ कर दिया है? 
बादशाह : दो दूनी चार तो सबको पता ही हैं, लेकिन जब आप व्यावहारिक दुनिया में आते हो तो दो दूनी पांच, छह व सात भी हो सकते हैं। हमारे स्कूल की चारदीवारी के अंदर की दुनिया बाहरी प्रैक्टिकल दुनिया से बिल्कुल अलग होती है। यहां मुझे ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं सिस्टम को भी सवाल किया जाना चाहिए। 

क्या पंजाब के एजुकेशन सिस्टम से आप संतुष्ट हैं?
बादशाह : मैं अपनी बात करूं तो हमेशा बदलाव आना चाहिए। जो कुछ बच्चों को पढ़ाया जा रहा है वह सब कुछ अच्छा है लेकिन इसके अलावा भी कुछ जरूरी चीजें हैं जिनकी जानकारी बच्चों को देना बहुत जरूरी है। उदाहरण के तौर पर चरित्र निर्माण को लेकर काम किया जाना चाहिए क्योंकि जब आप बाहर जाते हैं तो कई बार आपको सवालों के जवाब की जानकारी होती है लेकिन यह जवाब किस तरीके से दिया जाना चाहिए और कितना दिया जाना चाहिए इससे आप अनभिज्ञ रहते हैं। 

Image result for do dooni panj badshah maanअमृत मान : यदि किसी ने पीएच.डी. की है तो यह नियम बनाया जाना चाहिए कि शिक्षा के इस स्तर के लिए कुछ नौकरियां आरक्षित की जानी चाहिएं। फीसें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं हालांकि मुझे इससे कोई समस्या नहीं है लेकिन नौकरियों के मौके कम हो रहे हैं और जब नौकरी लगती है तो वेतन इतना कम होता है कि वह शिक्षा के आगे छोटा लगता है। इसमें सुधार होना चाहिए। 

क्या आपको लगता है कि शिक्षा आज व्यापार बन गई है?
अमृत मान : हर कोई पैसे के लिए काम करता है। हम भी शो करते हैं तो पैसा कमाते हैं पर हमें यह देखना चाहिए कि हम जितने पैसे की मांग कर रहे हैं, उस हिसाब से अपनी तरफ से काम कर रहे हैं या नहीं। यदि एजुकेशन महंगी हो रही है तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि क्या बच्चों को उस हिसाब से शिक्षा दी जा रही है या नहीं। 

फिल्मी किरदार को असल जिंदगी के साथ कितना रिलेट करते हैं? 
अमृत मान : मैं बिल्कुल रिलेट करता हूं क्योंकि यदि मैं कलाकार न बनता तो मुझे कोई न कोई काम जरूर करना पड़ता। इसलिए मैंने शिक्षा हासिल की और इंजीनियरिंग की। यदि मैं गायकी और अदाकारी की तरफ न आता तो मैं बिल्कुल इस फिल्म के किरदार ‘जग्गे’ की तरह सोच रहा होता।  

Image result for do dooni panj badshah maanआपकी बेटी का जन्म 10 जनवरी को होता है, क्या इस बार यह फिल्म उसके लिए जन्मदिन का तोहफा है? 
बादशाह : जी, बिल्कुल आज मेरी बेटी ‘जैसमी’ का जन्मदिन है और आज वह दो साल की हो गई है। मैंने उसको तोहफा देने के लिए ही फिल्म की रिलीज डेट यह रखी है।

बादशाह आप एक्टिंग कब करोगे?
बादशाह : मैं एक्टिंग कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि इस साल मेरा डैब्यू हो जाएगा। पहले तो उम्मीद है कि शूटिंग शुरू हो जाए। मैंने एक फिल्म साइन की है जिसकी शूटिंग जल्द शुरू होने जा रही है।

फिल्म में क्या अलग किया गया है?
अमृत मान : बहुत सवाल और संदेश आते थे कि आप अलग क्या कर रहे हैं। आज हम सीना तान कर कह सकते हैं कि हमने कुछ अलग किया है। यह पैसा वसूल फिल्म है और आप हमें देखकर बताइए कि फिल्म कैसी लगी। मैंने हमेशा फीड बैक और लोगों की राय को तरजीह दी है। 

बादशाह : हमने पहले ‘अरदास’ फिल्म बनाई थी। उसको दर्शकों ने बहुत प्यार दिया। अब ‘दो दूनी पंज’ के साथ एक बार फिर अलग प्रयोग करने की कोशिश की गई है। आप फिल्म को जरूर देखें और हमें बताएं कि यह फिल्म आपको कैसी लगी। 

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