Tuesday, Dec 07, 2021
-->
GDP grew by 20.1% in the first quarter of the year musrnt

आर्थिक मोर्चे पर ग्रीन सिग्नलः वर्ष की पहली तिमाही में GDP 20.1 फीसदी बढ़ी

  • Updated on 9/1/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना वायरस की खतरनाक दूसरी लहर के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 20.1 प्रतिशत की रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई। इसका कारण पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होना और विनिर्माण तथा सेवा क्षेत्रों का बेहतर प्रदर्शन रहा है। इस वृद्धि के साथ भारत इस साल दुनिया की तेजी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते पर है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मंगलवार को पहली तिमाही के जारी जीडीपी आंकड़े के अनुसार हालांकि सालाना आधार पर तो अर्थव्यवस्था में तीव्र वृद्धि हासिल हुई है लेकिन इससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) के मुकाबले अर्थव्यवस्था 16.9 प्रतिशत सुस्त हुई है।

कोविड-पूर्व की अप्रैल- जून, 2019 के मुकाबले अभी भी यह 9.2 प्रतिशत पीछे है। जीडीपी में पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में 24.4 प्रतिशत की गिरावट आई थी। इसका कारण, पिछले साल अप्रैल-मई के दौरान कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाया जाना था। वहीं पिछले वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही जनवरी- मार्च के दौरान जीडीपी वृद्धि दर 1.6 प्रतिशत रही थी।

पिछले साल लगातार तीन तिमाहियों में जीडीपी में सुधार आया था जबकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पिछले साल की पहली तिमाही के मुकाबले तो वृद्धि हुई है लेकिन पिछली तिमाही (जनवरी से मार्च 2021) के मुकाबले यह घटी है। सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) पहली तिमाही में सालाना आधार पर 18.8 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 13.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसका कारण अप्रैल-मई, 2021 में लगाया गया ‘लॉकडाउन’ है। पहली तिमाही में मजबूत वृद्धि दर का कारण तेजी से टीकाकरण के साथ विनिर्माण क्षेत्र का बेहतर प्रदर्शन है,जबकि सेवा क्षेत्र पर हल्का प्रभाव पड़ा है।

कृषि क्षेत्र कोविड पूर्व स्थिति से अधिक
कृषि को छोड़कर सभी क्षेत्रों का आकार कोविड-पूर्व स्थिति से कम है। विनिर्माण का आकार 5.43 लाख करोड़ रुपये रहा जो अप्रैल-जून 2019 में 5.67 लाख करोड़ रुपये था। वहीं सेवा क्षेत्र का आकार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 4.63 लाख करोड़ रुपये रहा जबकि महामारी-पूर्व अप्रैल-जून 2019 में 6.64 लाख करोड़ रुपये था। कृषि क्षेत्र का आकार 4.86 लाख करोड़ रुपये रहा और यह कोविड-पूर्व स्थिति 4.49 लाख करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है।

comments

.
.
.
.
.