Friday, Sep 30, 2022
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If the R value of Corona increases, then cases will increase rapidly

अगर बढ़ी कोरोना की आर वेल्यू तो बढ़ेंगे तेजी से मामले

  • Updated on 4/25/2022

नई दिल्ली। टीम डिजिटल। अप्रैल की शुरूआत के साथ ही दिल्ली में एकबार दोबारा से कोरोना के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है। हाल यह है कि अभी तक दिल्ली में एक्टिव केस की संख्या 5 हजार पहुंच गई है। इसके पीछे की वजह एक्सपर्ट कोविड 19 की आर वेल्यू 2.1 तक बढऩा बता रहे हैं। दरअसल हाल ही में आईआईटी मद्रास के वैज्ञानिकों द्वारा दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों में एक अध्ययन किया था, जिसमें आर वेल्यू का 2.1 तक पहुंच जाना संक्रमण के विस्तार का संकेत बताया गया है। 
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दिल्ली में कोरोना के मामलों में 65 फीसदी की बढोत्तरी हुई दर्ज
इस अध्ययन के अनुसार देश में कोरोना की आर वेल्यू 3.1 है। जब कोरोना की आर वेल्यू 1 से नीचे चली जाएगी तो इसे महामारी की समाप्ति माना जाता है। इस मामले पर कालरा अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर आर.एन. कालरा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केस तेजी से बढ़े है। राजधानी में कोरोना की आर वेल्यू कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में संक्रमण का स्तर बढ़ेगा और मामलों में तेजी आएगी। अप्रैल के अंत या मई के प्रारंभिक सप्ताह तक कोरोना के मामले 5 हजार के ऊपर तक जा सकते हैं। अगर आर वेल्यू नहीं बढ़ी तो मामले धीरे-धीरे कम होने लगेंगे। बता दें कि 1 से 23 अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में कोरोना के मामलों में 65 फीसदी की बढोत्तरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अप्रैल के शुरुआत से ही केस बढऩे शुरु हो गए थे। 1 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच दिल्ली में 826 नए केस दर्ज हुए थे। इसके अगले सप्ताह ही मामलों में 70 फीसदी तक का उछाल आ गया। इस तरह 8 से 14 अप्रैल के बीच 1,410 मामले दर्ज किए गए। लेकिन तीसरे सप्ताह में करीब 3 गुणा से अधिक मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। 15 से 23 अप्रैल के बीच नए मामलों की संख्या पिछले सप्ताह से 3 गुणा से अधिक बढ़कर 8,790 केस आए थे। वहीं फरवरी में 29,624 केस दर्ज किए गए थे, क्योंकि तब तीसरी वेब का असर था। 
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बढऩे नहीं बल्कि भर्ती होने से रेट में पड़ेगा असर : विशेषज्ञ
स्वास्थ्य विशेषज्ञाों के अनुसार राजधानी में केस बढऩे का अनुमान लगाया जा रहा है। केस बढऩे से ज्यादा फर्क पडऩे वाला नहीं है बल्कि इसका असर अस्पताल में भर्ती होने पर पड़ेगा। हालांकि अभी तक दिल्ली सहित पूरे देश में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों का आंकड़ा बढ़ा नहीं है। कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा बेहद कम है, ऐसे में सतर्क रहकर बचाव करने की जरूरत है। दिल्ली में एक्टिव केस में से सिर्फ 2-3 फीसदी मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ी है।


दिल्ली में पिछले 3 महीनों में हुई मौत का आंकड़ा
महीना                          कोरोना से हुई मौत
जनवरी                         758
फरवरी                          257
मार्च                             30
23 अप्रैल तक                14

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