Monday, Aug 15, 2022
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Interstate gang stealing on-demand vehicles busted

ऑन डिमांड गाडिय़ां चुराने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश

  • Updated on 7/7/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जिले की क्राइम ब्रांच टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग के सरगना समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की तीन लग्जरी कारें बरामद की हैं। जबकि गैंग के चार सदस्य मौके से भागने में कामयाब हो गए। पुलिस उन्हें भी पकडऩे का प्रयास कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ऑन डिमांड लग्जरी गाडिय़ां चुराते थे। पूछताछ में आरोपियों ने 100 से अधिक गाडिय़ां चुराने की बात कबूली है। पुलिस का कहना है कि आरोपी चोरी की गाडिय़ों के इंजन और चैसिस नंबर संभल में बदलवा कर सस्ते दामों में बेच दिया करते थे।  


एसपी क्राइम डा.दीक्षा शर्मा ने बताया कि दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़ और बुलंदशहर क्षेत्र से गाडिय़ां चुराने वाले अंतरराज्यीय गैंग के चार सदस्यों को सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। चारों की गिरफ्तारी वसुंधरा इलाके में एलिवेटिड रोड के नीचे नहर किनारे से की गई है। पकड़े गए आरोपियों में वसीम अल्वी, अकरम अल्वी और साहिल अल्वी निवासी लोनी और पुनीत उर्फ गुड्डू निवासी परतापुर मेरठ शामिल हैं। जबकि इनके चार साथी अमित त्यागी निवासी मेरठ, अमित उर्फ  प्यारे लाल शर्मा निवासी लोनी, शंहशाह उर्फ  राजा एवं आरिफ  कबाड़ी निवासी संभल फ रार हैं। पुनीत उर्फ गुड्डू गैंग का सरगना है।

 
कटवाई गईं गाडिय़ों की चुराई गईं गाडिय़ों पर लगाते थे नंबर प्लेट
एसपी क्राइम दीक्षा शर्मा ने बताया कि गैंग के सदस्य चोरी की गाडिय़ों को बहजोई और संभल के कबाडिय़ों को बेचकर कटवा दिया करते थे। कटी हुई गाडिय़ों से मेल खाती दूसरी गाड़ी चुराने के बाद कटी गाड़ी की नंबर प्लेट चोरी की गाड़ी पर लगाकर बेच दिया करते थे। नंबर प्लेट के मुताबिक इंजन और चैसिस नंबर बदलने का काम फरार आरोपी आरिफ और शंहशाह करते थे। चोरी की गाडिय़ों को बेचने के लिए आरोपी गैर राज्यों के ग्राहकों को तलाशते थे। 


भाई के जेल जाने के बाद गुड्डू ने संभाल ली थी गैंग की कमान
क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने बताया कि पूर्व में पुनीत उर्फ गुड्डू का भाई लोकेश गैंग का संचालन करता था। लेकिन लोकेश के जेल चले जाने के बाद गुड्डू ने ही गैंग की कमान संभाल ली थी। प्रभारी की मानें तो गुड्डू इंदिरापुरम थाने से वाहन चोरी के मामले में वांछित चल रहा था। जिसके चलते एसएसपी द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस का कहना है कि गैंग के सभी सदस्यों ने अपने काम बांट रखे थे। कोई सदस्य गाडिय़ां चुराने तो कोई उन्हें छिपाने और बेचने में भागीदारी निभाता था। 


कार चोरी के वक्त फ्लाइट मोड पर कर लेते थे अपने मोबाइल 
प्रभारी सिद्दीकी ने बताया कि वाहन चोरी करने से पहले आरोपी रैकी कर लेते थे। इसके बाद गाड़ी का पिछला दरवाजा पेचकस से तोडक़र इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से नकली चाबी बना लेते थे। गाड़ी चोरी करके कुछ दूर जाने के बाद उसकी नंबर प्लेट बदल दिया करते थे। साथ ही गाड़ी में लगे जीपीएस को उखाडक़र फेंक देते थे। चोरी की गाड़ी को संभल भेजा जाता था। जहां शंहशाह उर्फ राजा और उसके पिता आरिफ  कबाड़ी इंजन और चैचिस नंबर बदल देते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए वह गाड़ी चुराने के दौरान अपने मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड में कर लेते थे।  
 

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