Thursday, Aug 18, 2022
-->
JNU Ram Navami assault case: Police will soon file charge sheet

जेएनयू रामनवमी मारपीट मामला: पुलिस जल्द दायर करेगी आरोप पत्र

  • Updated on 5/10/2022

जेएनयू रामनवमी मारपीट मामला: पुलिस जल्द दायर करेगी आरोप पत्र 
 

नई दिल्ली 10 मई (नवोदय टाइम्स): राजधानी के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में गत 12 अप्रैल को रामनवमी के मौके पर पूजा व हवन न होने देने को लेकर एबीवीपी व वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुए विवाद मामले में दिल्ली पुलिस ने तफ्तीश पूरी कर ली है। 
 

दोनो पक्षों ने लगाए मारपीट का आरोप
एबीवीपी का आरोप था कि वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्र-छात्राओं ने पूजा बंद करो व रामनवमी की पूजा नहीं चलेगी के आपत्तिजनक नारे लगाए थे और पूजा व हवन नहीं होने दिया था। एबीवीपी से जुड़े छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट पिटाई की गई।
वहीं वामपंथी संगठनों से जुड़े छात्रों ने भी एबीवीपी समर्थक छात्रों पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों की शिकायतों पर वसंत कुंज नार्थ थाना पुलिस ने दो एफआइआर दर्ज की थी। 
 

25 से ज्यादा छात्र-छात्राओं से की पूछताछ
पुलिस ने दोनों पक्षों के 25 से अधिक छात्र-छात्राओं को नोटिस भेजकर थाने बुलवाया था व इन छात्र-छात्राओं से पूछताछ की थी। लेकिन पुलिस को पूछताछ में भी आरोप व शिकायत में दिये गए बयानों के अलावा कोई खास बात पता नहीं लगी।
 

पुलिस को नहीं मिली मारपीट की फुटेज
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार जेएनयू के सीसीटीवी कैमरों में घटना की तस्वीरें कैद नहीं हो पाई थी। दरअसल जहां मारपीट की घटना हुई वह जगह कैमरों की जद में नहीं था। 
 

छात्रों ने पुलिस को नहीं दी मूल वीडियो
दोनों संगठनों ने मोबाइल से वीडियो बनाए थे। पुलिस कई बार उनसे मूल वीडियो देने की मांग की लेकिन पुलिस को किसी ने भी वीडियो मुहैया नहीं कराया। दोनों पक्षों ने पुलिस को वे वीडियो ही सौंपे जिनमें उनकी गलती नहीं दिख रही है।
 

मारपीट से संबंधित नही मिला कोई सबूत
जो वीडियो पुलिस को मिले हैं वे सभी फारवर्डेड वीडियो हैं जो अदालत में सुबूत के तौर पर मान्य नहीं होता है। जांच में पुलिस को कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं जिससे मारपीट होने की बात को साबित किया जा सके। 
 

छात्रों को नहीं आइ थी गंभीर चोट
वहीं दोनों पक्षों में से किसी भी छात्र-छात्रा को गंभीर चोट भी नहीं आइ। इसलिए पुलिस उक्त मामले में किसी को भी गिरफ्तार नहीं करेगी। बिना गिरफ्तारी के पुलिस जल्द इस मामले में आरोप पत्र दायर कर देगी।
 

वामपंथी संगठनों के 14 छात्रों को किया था नामजद
रामनवमी की पूजा में रोकने को लेकर जेएनयू में हुए विवाद मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जेएनयू छात्र इकाई के पूर्व अध्यक्ष शिवम चौरसिया की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में वामपंथी छात्र संगठनों के 14 छात्र-छात्राओं को नामजद किया गया था। आरोपित छात्र.छात्राओं ने पूजा वूजा बंद करो व रामनवमी की पूजा नहीं चलेगी आदि के आपत्तिजनक नारे लगाए थे। 
 

वार्डन के नाम से लगाए पूजा न करने के फर्जी नोटिस 
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 10 अप्रैल को कावेरी छात्रावास के छात्रों द्वारा रामनवमी की पूजा आयोजित की गई थी। जिसका विरोध वामपंथी संगठन आइसा, एसएफआइ, बासो, कलेक्टिव एनएसयूआइ ने सुबह से शुरू कर दिया था। वार्डन के नाम से पूजा न करने के फर्जी नोटिस लगा दिया गया था। पूजा दोपहर तीन बजे सुबह होनी थी। विरोध प्रदर्शन व बाधा डालने के कारण शाम पांच बजे पूजा शुरू हुई थी। 
 

एबीवीपी के पांच छात्रों को किया था नामजद
पूजा के दौरान वामपंथी संगठनों द्वारा पूजा में शामिल छात्रों को डराया धमकाया गया। कावेरी छात्रावास के छात्रों के सहयोग से विरोध के बावजूद पूजा संपन्न हो गई थी। वामपंथी संगठनों की शिकायत पर भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे में पांच को नामजद किया गया था।
 

comments

.
.
.
.
.